भारत की GI-टैग वाली आम की किस्में: पूरी सूची और महत्व

भारत में 12 आम की किस्मों को भौगोलिक संकेत (Geographical Indication – GI) टैग प्राप्त है। प्रत्येक किस्म अपने विशेष क्षेत्र से जुड़ी हुई है और अपने अनूठे स्वाद, गुणवत्ता तथा विरासत के लिए प्रसिद्ध है।

🏷️ भारत की GI टैग प्राप्त आम की किस्में

आम की किस्मराज्य/क्षेत्रGI टैग वर्षविशेषताएँ
अल्फांसो (हापुस)महाराष्ट्र (रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, रायगढ़, कोंकण)2018आमों का राजा माना जाता है; केसरिया गूदा, समृद्ध सुगंध, मलाईदार बनावट और बहुत कम रेशा।
गिर केसरगुजरात (जूनागढ़, गिर वन क्षेत्र)2011चमकीला केसरिया गूदा, अत्यंत मीठा स्वाद; आमरस और मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध।
बंगनपल्ली (सफेदा)आंध्र प्रदेश (कुरनूल/नंद्याल)2017बड़ा अंडाकार फल, सुनहरा-पीला छिलका, बिना रेशे का गूदा तथा लंबी शेल्फ लाइफ।
मलिहाबादी दशहरीउत्तर प्रदेश (मलिहाबाद, लखनऊ)2009लंबा आकार, पतला छिलका, रसदार गूदा और मनमोहक सुगंध।
लंगड़ाबिहार (वाराणसी क्षेत्र)2009पकने के बाद भी हरा छिलका, खट्टा-मीठा स्वाद और बिना रेशे का गूदा।
लक्ष्मण भोगपश्चिम बंगाल (मालदा जिला)2008सुनहरा रंग, मुलायम बनावट, भरपूर मिठास; बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है।
हिमसागरपश्चिम बंगाल (मुर्शिदाबाद, मालदा)2008बिना रेशे का, सुगंधित, अधिक गूदे वाला; कम अवधि का मौसम लेकिन प्रीमियम मांग।
फज़लीपश्चिम बंगाल (मालदा, मुर्शिदाबाद)2008बहुत बड़ा फल (लगभग 1 किलोग्राम तक), देर से आने वाली किस्म, रसदार गूदा।
कुट्टियाट्टूरकेरल (कन्नूर जिला)2025जल्दी आने वाली किस्म, चिकना छिलका, हल्की मलाईदार मिठास।
तोतापुरीकर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश2014तोते की चोंच जैसा आकार, हल्का खट्टा स्वाद; अचार और पल्प उद्योग में व्यापक उपयोग।
खिरसापति (हिमसागर प्रकार)पश्चिम बंगाल2008हिमसागर के समान; अपनी मिठास और सुगंध के लिए प्रसिद्ध।
अम्रपाली (GI प्रक्रिया में)उत्तर प्रदेशदशहरी × नीलम का संकर; छोटा आकार, बिना रेशे का और अत्यंत मीठा।

GI टैग क्यों महत्वपूर्ण है?

भौगोलिक संकेत (Geographical Indication – GI) टैग एक बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Right) है, जो भौगोलिक संकेत वस्तु (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, 1999 के तहत प्रदान किया जाता है।

GI टैग उन उत्पादों को दिया जाता है जिनकी गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या विशिष्ट पहचान किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ी होती है।

GI टैग के प्रमुख लाभ

  • ✅ उत्पाद की प्रामाणिकता (Authenticity) सुनिश्चित करता है।
  • ✅ उत्पाद के नाम के दुरुपयोग और नकली बिक्री को रोकता है।
  • ✅ किसानों और उत्पादकों को बेहतर बाजार मूल्य दिलाने में मदद करता है।
  • निर्यात (Export) के अवसर बढ़ाता है।
  • ✅ भारत में GI पंजीकरण 10 वर्षों के लिए वैध होता है और इसके बाद नवीनीकरण (Renewal) कराया जा सकता है।

अन्य प्रसिद्ध GI टैग प्राप्त भारतीय उत्पाद

  • 🍵 दार्जिलिंग चाय
  • 🌾 बासमती चावल
  • 👗 बनारसी साड़ी
  • 🧵 मैसूर सिल्क
  • 🥨 बीकानेरी भुजिया

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