भारत की अपनी AK-203 असॉल्ट राइफल, जिसका नाम ‘शेर’ है, जल्द ही भारतीय सेना को सौंपी जाएगी। उत्तर प्रदेश के अमेठी में कोरवा फैसिलिटी में बनी यह राइफल, भारत-रूस टेक्नोलॉजी-ट्रांसफर समझौते के तहत इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) द्वारा बनाई जा रही है।
मुख्य बातें
राइफल: AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल
बनाने की जगह: कोरवा, अमेठी, उत्तर प्रदेश
बनाने वाली कंपनी: इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL)
लक्ष्य: भारत में 6 लाख से ज़्यादा AK-203 राइफलें बनाना
डिलीवरी: IRRPL की योजना 2032 की डेडलाइन से एक साल पहले ही तय सप्लाई पूरी करने की है।
महत्व: इससे डिफेंस के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा मिलेगा और बाहर से मंगाए जाने वाले छोटे हथियारों पर निर्भरता कम होगी।
जॉइंट वेंचर: भारतीय डिफेंस PSU और रूस की कंपनियों ‘कंसर्न कलाश्निकोव’ (Concern Kalashnikov) और ‘रोसोबोरोनएक्सपोर्ट’ (Rosoboronexport) के बीच।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 25 अगस्त 2026 को स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत पात्र युवाओं को निःशुल्क वितरण के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने की मंजूरी दी।
टैबलेट: 25 लाख
वर्ष 2026–27 के लिए बजट: ₹2,374.60 करोड़
योजना की अवधि: 5 वर्ष
लाभार्थी: उच्च शिक्षा, डिप्लोमा, कौशल विकास और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवा।
उद्देश्य:डिजिटल शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों तक पहुंच प्रदान करना।
इस योजना का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उनकी रोजगारपरक कौशल क्षमता में सुधार करना है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लिया गया।
भारत और चीन ने 25 अगस्त 2026 को बीजिंग में विशेष प्रतिनिधियों (SR) की सीमा वार्ता का 25वां दौर आयोजित किया, जिसमें NSA अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने LAC पर स्थिरता बनाए रखने और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर ध्यान केंद्रित किया।
दिनांक और स्थान: 25 अगस्त 2026, बीजिंग
प्रतिभागी:अजीत डोभाल (भारत) और वांग यी (चीन)
मुख्य फोकस: सीमा विवाद और LAC पर स्थिरता को संस्थागत रूप देना
पृष्ठभूमि: वार्ता 2020 के गलवान घाटी संघर्ष और लद्दाख गतिरोध के बाद हो रही है।
प्रगति:अक्टूबर 2024 में देपसांग और डेमचोक में हुआ डिसएंगेजमेंट तनाव कम करने में सहायक रहा।
रणनीतिक महत्व: आगामी BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात के लिए अनुकूल माहौल बनाने के उद्देश्य से ये वार्ताएं महत्वपूर्ण हैं।
शी जिनपिंग की संभावित यात्रा:12–13 सितंबर 2026 को BRICS शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आने की संभावना है।
UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने 25 अगस्त 2026 को 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसने भारत के डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को बदल दिया है और यह दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली बन गई है।
शुरुआत: 25 अगस्त 2016 को RBI की निगरानी में NPCI द्वारा शुरू किया गया।
लेनदेन में वृद्धि: 2016–17 में 1.78 करोड़ लेनदेन से बढ़कर 2025–26 में 24,162 करोड़ लेनदेन हो गए — लगभग 13,000 गुना वृद्धि।
लेनदेन का मूल्य:₹0.07 लाख करोड़ से बढ़कर ₹314 लाख करोड़ हो गया।
जुलाई 2026: रिकॉर्ड 2,366 करोड़ लेनदेन, जिनका कुल मूल्य ₹29.88 लाख करोड़ रहा।
UPI से जुड़े बैंक: संख्या 44 से बढ़कर 703 हो गई।
वैश्विक पहचान: 2025 में वैश्विक रियल-टाइम भुगतान लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी 49% रही।
अंतरराष्ट्रीय पहुंच: UPI को सिंगापुर, UAE, फ्रांस, श्रीलंका, नेपाल और मॉरीशस सहित कई देशों में स्वीकार किया जाता है।
प्रभाव: UPI ने वित्तीय समावेशन, कैशलेस भुगतान, डिजिटल नवाचार तथा सुविधाजनक P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) और P2M (व्यक्ति-से-व्यापारी) लेनदेन को बढ़ावा दिया है।
23 अगस्त 2026 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए डूरंड कप 2026 के फ़ाइनल में ईस्ट बंगाल ने मोहन बागान को 4–1 से हराकर ट्रॉफ़ी के लिए 22 साल का इंतज़ार खत्म किया।
🏆 विजेता: ईस्ट बंगाल
⚽ स्कोर: ईस्ट बंगाल 4–1 मोहन बागान SG
🏟️ वेन्यू: साल्ट लेक स्टेडियम, कोलकाता
🏆 ईस्ट बंगाल का 17वां डूरंड कप खिताब, मोहन बागान के रिकॉर्ड की बराबरी की।
⏳ उनका पिछला खिताब 2004 में आया था।
⭐ एडमंड लालरिंडिका ने पहले हाफ में शानदार हैट्रिक लगाई।
⚽ बिपिन सिंह ने ईस्ट बंगाल के लिए पहला गोल किया।
🇮🇳 ईस्ट बंगाल और मोहन बागान अब डूरंड कप में संयुक्त रूप से सबसे सफल टीमें हैं।
परीक्षा के लिए अतिरिक्त जानकारी: एशिया का सबसे पुराना फ़ुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप है, जो 1888 से आयोजित किया जा रहा है।
सरकार ने त्योहारों के मौसम से पहले घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और चीनी की कीमतों को स्थिर करने के लिए 10 लाख टन (10 LMT) कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात को मंज़ूरी दी है।
चीनी की कीमतें ₹48.18/किलो (20 जुलाई) से बढ़कर ₹55.70/किलो (20 अगस्त 2026) हो गईं।
घरेलू चीनी उत्पादन का अनुमान 306 LMT है, जो शुरुआती अनुमान 343 LMT से कम है।
कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कम उत्पादन, त्योहारों के समय मांग, फसल को नुकसान, वैश्विक आपूर्ति की चिंताएं और जमाखोरी/सट्टेबाज़ी है—न कि इथेनॉल के लिए चीनी का इस्तेमाल।
आपूर्ति सुनिश्चित करने के एहतियाती उपाय के तौर पर 10 LMT ड्यूटी-फ्री कच्ची चीनी के आयात को मंज़ूरी दी गई है।
चीनी डीलरों पर 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक 400 टन की स्टॉक सीमा लागू की गई है।
चीनी मिलों को त्योहारों के मौसम में आपूर्ति बढ़ाने के लिए 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू करने की सलाह दी गई है।
काजल धोचक ने लगातार दूसरी बार U20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 21 अगस्त 2026 को स्लोवाकिया में महिलाओं के 76 किग्रा फाइनल में चीन की जिंगरू सन को 7–0 से हराया।
काजल धोचक: स्वर्ण – 76 किग्रा; लगातार दूसरा U20 विश्व खिताब (2025 – 72 किग्रा, 2026 – 76 किग्रा)।
18 वर्ष की उम्र में, वह लगातार दो U20 विश्व खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान बन गईं।
उन्होंने बिना एक भी अंक गंवाए शानदार और अजेय अभियान पूरा किया।
2026: लगातार पांच स्वर्ण पदक, जिनमें U23 एशियाई चैंपियनशिप, उलानबटार रैंकिंग सीरीज़, U20 एशियाई चैंपियनशिप, बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज़ और U20 विश्व चैंपियनशिप शामिल हैं।
अन्य भारतीय पदक: तनु शर्मा – रजत (72 किग्रा); सविता – रजत (62 किग्रा)।
भारत कई महिला और पुरुष फ्रीस्टाइल वर्गों में पदकों की दौड़ में बना रहा।
20 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की एक नई बेंच बनाने को मंज़ूरी दी। इसके साथ ही, श्रीनगर और जम्मू के बाद यह हाई कोर्ट की तीसरी सीट बन जाएगी। इस फ़ैसले की घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की।
लद्दाख बेंच का मकसद हाई कोर्ट की सेवाओं को लोगों के करीब लाना, श्रीनगर या जम्मू जाने की ज़रूरत को कम करना और इस दूर-दराज़ केंद्र शासित प्रदेश में न्याय तक पहुँच को बेहतर बनाना है। इससे लंबित अदालती मामलों को निपटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है; जुलाई 2026 तक हाई कोर्ट में 44,557 मामले लंबित थे, जिनमें से 6,106 मामले 10 साल से ज़्यादा समय से लंबित हैं।
इस कदम से लद्दाख में न्यायिक बुनियादी ढाँचे को मज़बूती मिलेगी, जहाँ अभी 10 में से सिर्फ़ 5 सब-डिविज़नों में कोर्ट की सुविधाएँ हैं। केंद्र ने लद्दाख की ज़मीन, रोज़गार और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करने के अपने संकल्प को भी दोहराया।
मुख्य तथ्य: श्रीनगर और जम्मू के साथ-साथ, अब लद्दाख में भी हाई कोर्ट की तीसरी सीट/बेंच होगी।
19 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे और सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए ₹13,000 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी।
रेलवे परियोजनाएँ:₹9,450 करोड़ की लागत वाली चार मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मंजूरी दी गई।
रेलवे विस्तार: इन परियोजनाओं से रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की वृद्धि होगी और 8 जिलों को लाभ मिलेगा।
लाभार्थी: लगभग 6,448 गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 60 लाख है।
माल ढुलाई क्षमता: इन परियोजनाओं से प्रतिवर्ष अतिरिक्त 7.6 करोड़ टन माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाने की उम्मीद है।
प्रमुख लाभ: भीड़भाड़, लॉजिस्टिक्स लागत और ईंधन की खपत में कमी के साथ-साथ यात्री एवं माल परिवहन में सुधार होगा।
पर्यावरणीय लाभ: लगभग 13 करोड़ लीटर तेल की बचत और करीब 65 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी होने की उम्मीद है।
बिहार NH-22 परियोजना: मंत्रिमंडल ने NH-22 के 82.578 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा खंड को चार-लेन बनाने की मंजूरी दी।
लागत: परियोजना की लागत ₹3,590.73 करोड़ है और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत लागू किया जाएगा।
महत्व: यह राजमार्ग मुजफ्फरपुर और सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा के बीच कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, यात्रा समय कम करेगा तथा व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
प्रमुख संरचनाएँ: परियोजना में 7 बड़े पुल, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 फ्लाईओवर शामिल हैं।
रेलवे परियोजनाएँ एकीकृत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप हैं।
भारतीय वैज्ञानिकों ने एक नई “स्मार्ट” कैंसर दवा RK-251 विकसित की है, जिसे स्वस्थ कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हुए कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
विकसित करने वाले: इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IASST) और IIT गुवाहाटी के वैज्ञानिक।
दवा का नाम:RK-251
यह कैसे काम करती है: यह दवा कैंसर कोशिकाओं के अंदर सामान्यतः पाए जाने वाले रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (ROS) के उच्च स्तर से सक्रिय होती है।
सक्रिय यौगिक: सक्रिय होने पर NBDHEX जारी होता है, जो उन प्रोटीनों को लक्षित करता है जो कैंसर कोशिकाओं को जीवित रहने और उपचार के प्रति प्रतिरोधी बनने में मदद करते हैं।
मुख्य लाभ: इसे स्वस्थ ऊतकों में अपेक्षाकृत निष्क्रिय रहने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे पारंपरिक कीमोथेरेपी से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है।
18 अगस्त 2026 को भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के चौथे दिन टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय और दुनिया के चौथे खिलाड़ी बन गए।
पंत ने यह उपलब्धि अपने 51वें टेस्ट मैच में हासिल की और टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने वाले सबसे तेज खिलाड़ी बन गए।
उन्होंने बेन स्टोक्स का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने अपने 82वें टेस्ट मैच में 100 छक्के पूरे किए थे।
टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची:
बेन स्टोक्स – 138 छक्के
ब्रेंडन मैकुलम – 107 छक्के
एडम गिलक्रिस्ट – 100 छक्के
ऋषभ पंत – 100 छक्के
भारतीय खिलाड़ियों में वीरेंद्र सहवाग और रोहित शर्मा 91-91 छक्कों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने 18 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा की। इन पुरस्कारों का उद्देश्य विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संगठनों की उत्कृष्ट उपलब्धियों एवं उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करना है।
पुरस्कारों का निर्णय पूर्व सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया। समिति में प्रतिष्ठित खिलाड़ी, खेल प्रशासक और खेल पत्रकारिता के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले व्यक्ति शामिल थे। खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को स्वयं आवेदन करने की सुविधा देने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
🏅 अर्जुन पुरस्कार – उत्कृष्ट प्रदर्शन 2025
अर्जुन पुरस्कार पिछले चार वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, खेल भावना और अनुशासन को मान्यता देता है।
कुल 17 खिलाड़ियों का चयन किया गया:
क्रमांक
खिलाड़ी
खेल
1
तेजस्विन शंकर
एथलेटिक्स
2
मुहम्मद अजमल वी
एथलेटिक्स
3
प्रियंका गोस्वामी
एथलेटिक्स
4
ट्रीसा जॉली
बैडमिंटन
5
पुलेला गायत्री गोपीचंद
बैडमिंटन
6
नरेंद्र
मुक्केबाजी
7
विदित संतोष गुजराती
शतरंज
8
दिव्या जितेंद्र देशमुख
शतरंज
9
धनुष श्रीकांत
बधिर शूटिंग
10
लालरेमसियामी
हॉकी
11
राजकुमार पाल
हॉकी
12
सुरजीत
कबड्डी
13
पूजा
कबड्डी
14
रुद्रांश खंडेलवाल
पैरा-शूटिंग
15
एकता भयान
पैरा-एथलेटिक्स
16
अरविंद सिंह
रोइंग
17
अखिल श्योराण
शूटिंग
🏆 अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) – 2025
अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) उन खिलाड़ियों को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने प्रदर्शन के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है और सक्रिय खेल से संन्यास लेने के बाद भी खेलों को बढ़ावा देने में योगदान जारी रखा है।
आई अरुमैनायगम – फुटबॉल
🥇 द्रोणाचार्य पुरस्कार – 2025
द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षकों को लगातार उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने तथा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम बनाने के लिए दिया जाता है।
नियमित श्रेणी:
परवीर सिंह – एथलेटिक्स
छोटे लाल यादव – मुक्केबाजी
नेहा नंदकुमार चव्हाण – शूटिंग
लाइफटाइम श्रेणी:
धर्मेंद्र सिंह यादव – मुक्केबाजी
वीरेंद्र कुमार – कुश्ती
🇮🇳 राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025
राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार उन संस्थाओं को दिया जाता है जो खेलों के प्रोत्साहन और विकास में महत्वपूर्ण एवं उल्लेखनीय भूमिका निभाती हैं।
भारतीय सेना का दल भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास MAITREE-XV (2026) के 15वें संस्करण में भाग लेने के लिए थाईलैंड रवाना हो गया है। यह अभ्यास 18–31 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
प्रमुख तथ्य
अभ्यास: MAITREE-XV 2026
प्रतिभागी: भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना
स्थान: विभावदी रंगसित कैंप, सूरत थानी, थाईलैंड
तारीख: 18–31 अगस्त 2026
सैन्य बल: दोनों सेनाओं से 85-85 सैन्यकर्मी
भारतीय दल: मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के सैनिक
थाई दल: 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की 3वीं बटालियन
मुख्य फोकस:जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संयुक्त अभियान
उद्देश्य:संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद-रोधी और उग्रवाद-रोधी अभियानों के लिए दोनों सेनाओं के बीच अंतर-संचालन क्षमता और दक्षताओं को बढ़ाना
गतिविधियाँ: मैदानी अभ्यास, युद्ध संबंधी चर्चाएँ, व्याख्यान, प्रदर्शन और अंतिम सत्यापन अभ्यास
शुरुआत: MAITREE सैन्य अभ्यास की शुरुआत 2006 में हुई थी।
यह अभ्यास भारतीय और रॉयल थाई सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग, अंतर-संचालन क्षमता, परिचालन अनुभवों के आदान-प्रदान और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देगा तथा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा।
भारत के पहले 14D वर्चुअल ज़ू का उद्घाटन 16 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में किया गया। इस सुविधा का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया और इसे PPP मॉडल के तहत लगभग ₹4.5 करोड़ की लागत से विकसित किया गया है।
प्रमुख तथ्य
स्थान: कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय, इंदौर
प्रमुख आकर्षण: 14D सिनेमा, 360° वर्चुअल जंगल सफारी, होलोग्राम, ग्लो गार्डन और रोअर मेज़
टिकट: ₹70 प्रति व्यक्ति
शो: प्रतिदिन 16 शो, प्रत्येक की अवधि 20 मिनट
समय: मंगलवार–रविवार, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक
14D सिनेमा में चलती सीटें, पानी की फुहारें, हवा, कोहरा, बुलबुले और कंपन जैसे संवेदी प्रभावों का उपयोग किया जाता है, जबकि 360° वर्चुअल सफारी डिजिटल तकनीक के माध्यम से जंगल के रोमांचकारी अनुभव को साकार करती है।
इस परियोजना का उद्देश्य वन्यजीव शिक्षा, मनोरंजन और संरक्षण जागरूकता को एक साथ बढ़ावा देना है। साथ ही, यह इंदौर में पर्यटन को बढ़ावा देने और नगर निगम के लिए राजस्व उत्पन्न करने में भी सहायक होगी।
सूर्यपथ तिरंगा भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा 2026 के तहत शुरू की गई एक वैश्विक तिरंगा रिले है। विभिन्न समय क्षेत्रों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्टों पर क्रमिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जो प्रतीकात्मक रूप से पूर्व से पश्चिम की ओर उगते सूर्य के मार्ग का अनुसरण करता है।
📅 शुरुआत: 15 अगस्त 2026
📍 प्रारंभ: सुवा, फिजी — भारतीय समयानुसार सुबह 1:30 बजे
🌍 प्रारंभिक कवरेज: पहले 9 घंटों में 21 देश
🕥 पहुंचा: कतर — भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे
🇺🇸 निर्धारित समापन: सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका
🎯 उद्देश्य: तिरंगे के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, भारतीय विरासत और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ावा देना।
🌐 प्रतिभागी: दुनियाभर में स्थित भारतीय मिशन, प्रवासी भारतीय और भारत के मित्र।
🇮🇳 अभियान:हर घर तिरंगा 2026
परीक्षा बिंदु:सूर्यपथ तिरंगा प्रतीकात्मक रूप से समय क्षेत्रों के अनुसार सूर्य की गति के साथ तिरंगे को आगे बढ़ाता है, जिससे स्वतंत्रता दिवस पर भारत और वैश्विक भारतीय समुदाय को जोड़ा जाता है।
मैग्नस कार्लसन ने पेरिस में ग्रैंड फाइनल में डेनिस लाज़ाविक को 2–0 से हराकर Esports World Cup Chess 2026 का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। नॉर्वे के इस स्टार खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए अपना लगातार दूसरा EWC Chess खिताब जीता और $250,000 की पुरस्कार राशि हासिल की।
🏆 विजेता: मैग्नस कार्लसन (नॉर्वे, टीम लिक्विड)
🥈 उपविजेता: डेनिस लाज़ाविक (बेलारूस)
🥉 तीसरा स्थान: हिकारू नाकामुरा (अमेरिका)
📅 आयोजन की तारीख: 11–15 अगस्त 2026
📍 स्थान: पेरिस, फ्रांस
💰 पुरस्कार राशि: कार्लसन के लिए $250,000
♟️ प्रारूप: रैपिड शतरंज (10 मिनट के खेल)
⭐ प्रमुख रिकॉर्ड: EWC Chess का खिताब लगातार दो बार (2025 और 2026) जीतने वाले पहले खिलाड़ी।
परीक्षा बिंदु: मैग्नस कार्लसन ने Esports World Cup Chess 2026 का खिताब जीता और इस प्रतियोगिता के पहले लगातार दो बार चैंपियन (Back-to-Back Champion) बने।
15 अगस्त 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित किया और 2047 तक “विकसित भारत” बनाने का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास, तकनीक, रक्षा, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और इनोवेशन पर ज़ोर दिया।
प्रमुख घोषणाएं और मुख्य बातें
विकसित भारत @2047: पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 140 करोड़ नागरिकों से सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
सप्त धारा: भारत की विकास रणनीति सात स्तंभों पर केंद्रित होगी—मैन्युफैक्चरिंग; कृषि और खाद्य उत्पादन; तकनीक और इनोवेशन; इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी; रक्षा; ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी; और सॉफ्ट पावर।
मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग: कोचिंग के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों को शीर्ष शिक्षकों द्वारा मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।
AI स्किल ट्रेनिंग: अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को वैश्विक AI क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाना है।
तकनीक और इनोवेशन: फोकस क्षेत्रों में AI, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर शामिल हैं, जिनका लक्ष्य भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाना है।
परमाणु ऊर्जा: भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना और मौजूदा दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करना है।
रक्षा आत्मनिर्भरता: भारत ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, हाइपरसोनिक रक्षा और साइबर सुरक्षा में अपनी क्षमताओं को मजबूत करेगा और वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनने का प्रयास करेगा।
मैन्युफैक्चरिंग: भारत का लक्ष्य पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन—पुर्जों और डिज़ाइन से लेकर तैयार उत्पादों तक—को विकसित करना और एक भरोसेमंद वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनना है।
कृषि और निर्यात: खाद्य प्रसंस्करण, रसायन-मुक्त खेती और कृषि निर्यात पर अधिक ज़ोर दिया जाएगा, और किसानों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर: गति शक्ति, हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हाईवे, अंतर्देशीय जलमार्ग, हवाई अड्डे और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स तेज़ कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगे।
युवा और स्टार्टअप: भारत में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जबकि ₹1 लाख करोड़ का इनोवेशन फंड युवा इनोवेटर्स को सहायता प्रदान करेगा। स्पोर्ट्स टैलेंट हंट: देश भर में एक टैलेंट हंट के ज़रिए गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी। चुने गए बच्चों को इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी।
खेल आयोजन: भारत 2036 के ओलंपिक की अपनी महत्वाकांक्षा के लिए तैयारी कर रहा है और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा।
महिला सशक्तिकरण: 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य पहले ही पार कर लिया गया है, और अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा: पिछले दशक में लगभग 650 यूनिवर्सिटीज़ जोड़ी गई हैं, जबकि 10,000 से ज़्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स बनाई गई हैं।
हेल्थकेयर: सोशल सिक्योरिटी कवरेज 100 करोड़ नागरिकों तक बढ़ गया है, जबकि 70 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक का मुफ़्त इलाज मिल रहा है।
आर्थिक विकास: पीएम मोदी ने बताया कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल-फ़ोन और रेलवे प्रोडक्शन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
ग्लोबल इकोनॉमिक एम्बिशन: भारत का लक्ष्य है कि अगले दशक में 50 फॉर्च्यून 500 कंपनियां हों और कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के टॉप पांच बैंकों में शामिल हो।
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, जिन्होंने वर्चुअल तरीके से ड्रोन के उड़ान भरने का लाइव नज़ारा देखा।
तिरंगे का पार्सल रेहरधर में प्राप्त किया गया और औपचारिक रूप से सेना के एक पूर्व सैनिक को सौंपा गया।
यह पहल दिखाती है कि ड्रोन तकनीक कैसे ‘लास्ट-माइल’ पोस्टल कनेक्टिविटी (अंतिम छोर तक डाक सेवा) को बेहतर बना सकती है, खासकर दूर-दराज और मुश्किल इलाकों में।
इंडिया पोस्ट की योजना हिमाचल प्रदेश और असम में 150 चिन्हित रूटों पर ड्रोन-आधारित डाक सेवा शुरू करने की है।
यह पहल तकनीकी रूप से उन्नत और जुड़े हुए ‘विकसित भारत’ के विज़न का समर्थन करती है और इंडिया पोस्ट की सेवा भावना – “डाक सेवा, जन सेवा” – को दर्शाती है।
इसे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से भी जोड़ा गया था, जो नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है।
भारत ने 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले पर अपना 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया।
विषय (Theme):युवा शक्ति (Yuva Shakti), जो विकसित भारत@2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
वंदे मातरम्: समारोह में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने को चिह्नित किया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम् का गायन किया गया।
ध्वजारोहण: राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की सलामी के साथ फहराया गया, जबकि भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने पुष्पवर्षा की।
शक्ति की सप्त धारा: प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शक्ति के सात क्षेत्रों को रेखांकित किया—विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, कनेक्टिविटी, रक्षा, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर।
AI अनुवाद: प्रधानमंत्री के भाषण का Digital India Bhashini का उपयोग करके 22 भारतीय भाषाओं में लाइव अनुवाद किया गया।
युवा भागीदारी: लगभग 2,500 NCC कैडेटों और MY Bharat स्वयंसेवकों ने ज्ञानपथ पर “वंदे मातरम्” की आकृति बनाई।
विशेष अतिथि:19 भारतीय ओलंपियाड पदक विजेता और समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 5,000 आमंत्रित अतिथि समारोह में शामिल हुए।
अन्य प्रमुख आकर्षण: कार्यक्रम के बाद पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता प्लॉगिंग अभियान (Swachhata Plogging Drive) आयोजित किया गया।
12 अगस्त 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा “ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स” (Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles) जारी की। यह किताब उत्तर प्रदेश के परौंख गाँव में एक साधारण शुरुआत से लेकर भारत के 14वें राष्ट्रपति बनने तक के कोविंद के सफ़र का बहुत ही निजी ब्यौरा देती है।
📖 आत्मकथा के बारे में मुख्य बातें
शीर्षक: ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स
लेखक: राम नाथ कोविंद (भारत के 14वें राष्ट्रपति, 2017–2022)
प्रकाशक: रूपा पब्लिकेशन्स
जारी होने की तारीख: 12 अगस्त 2026
किसने जारी की: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों लोगों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने 1947 के बंटवारे के दौरान विस्थापन, हिंसा और नुकसान का सामना किया था।
📜 पृष्ठभूमि और महत्व
भारत सरकार ने 2021 में इसकी घोषणा की थी और यह हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है।
यह आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े सामूहिक विस्थापन की याद दिलाता है — जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच लाखों लोग विस्थापित हुए थे।
यह बंटवारे के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा, हत्याओं, अपहरण, संपत्ति के विनाश और परिवारों के बिछड़ने की घटनाओं को उजागर करता है।
उद्देश्य: यह सुनिश्चित करना कि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से सीखें और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव, सहानुभूति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिले।
7 अगस्त 2026 को, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने सऊदी अरब के मक्का में ‘मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट’ (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत सामूहिक रक्षा का वादा किया गया है कि अगर किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों पर हमला माना जाएगा।
हस्ताक्षरकर्ता: सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़।
मुख्य सिद्धांत: “एक पर हमला, सब पर हमला” (An attack on one is an attack on all) – यह NATO के सामूहिक रक्षा सिद्धांत जैसा ही है।
पृष्ठभूमि: यह समझौता सितंबर 2025 में हुए सऊदी-पाकिस्तान स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) पर आधारित है, जिसमें अब तुर्की भी शामिल हो गया है।
मुख्य क्षेत्र: संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा तकनीक में सहयोग और समन्वित सैन्य गतिविधियां।
रणनीतिक महत्व: यह समझौता पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय अस्थिरता और बदलती सुरक्षा स्थितियों के बीच तीनों देशों के बीच गहरे रक्षा संबंधों को दर्शाता है।
सऊदी का रुख: इस समझौते को टिकाऊ रक्षा सहयोग के लिए एक तंत्र बताया गया, न कि किसी सैन्य या सांप्रदायिक गुट के तौर पर।
परीक्षा के लिए तथ्य: मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट → सऊदी अरब + तुर्की + पाकिस्तान → 7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर → “एक पर हमला, सब पर हमला।”
विश्व हाथी दिवस हर साल 12 अगस्त को मनाया जाता है। 2026 में, इसका विषय “हाथियों की मदद के लिए दुनिया को एक साथ लाना” था, जिसमें हाथियों को उनके आवास के नुकसान, अवैध शिकार, हाथीदांत के गैर-कानूनी व्यापार और मानव-हाथी संघर्ष से बचाने के वैश्विक प्रयासों पर ज़ोर दिया गया।
पहली बार मनाया गया: 2012
भारत का महत्व: दुनिया के लगभग 60% एशियाई हाथी भारत में पाए जाते हैं।
भारत में जंगली हाथियों की आबादी: 22,446 (SAIEE 2021–25 जनगणना)।
प्रोजेक्ट एलिफेंट: हाथियों के आवास की सुरक्षा, कल्याण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए 1992 में शुरू किया गया।
हाथी रिज़र्व: 14 राज्यों में लगभग 80,777 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 33 रिज़र्व।
हाथी कॉरिडोर: पूरे भारत में 150 पहचाने गए कॉरिडोर।
पश्चिम बंगाल: यहाँ सबसे ज़्यादा पहचाने गए हाथी कॉरिडोर (26) हैं।
संरक्षण तकनीक: हाथियों की सुरक्षा के लिए DNA-आधारित जनगणना, AI मॉनिटरिंग, रेडियो-कॉलरिंग और अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परीक्षा के लिए ज़रूरी जानकारी: विश्व हाथी दिवस → 12 अगस्त | 2026 का विषय → “हाथियों की मदद के लिए दुनिया को एक साथ लाना” | प्रोजेक्ट एलिफेंट → 1992।
NASA ने ISRO को अपने मून बेस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम पर 5–6 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित भारत-अमेरिका नागरिक अंतरिक्ष संयुक्त कार्य समूह (India-U.S. Civil Space Joint Working Group) की बैठक के दौरान चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक स्थायी मानव चौकी स्थापित करना है।
चरण 1 (2026–2029): रोबोटिक अन्वेषण और तकनीकी परीक्षण।
चरण 2 (2029–2032): चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का विकास।
चरण 3 (2032 के बाद): एक स्थायी चंद्र आधार की स्थापना।
भारत की भूमिका: चंद्र अन्वेषण, तकनीकी सहयोग और अमेरिका के साथ वैज्ञानिक डेटा साझा करने को मजबूत करना।
आर्टेमिस समझौता (Artemis Accords): भारत ने जून 2023 में 27वें हस्ताक्षरकर्ता देश के रूप में इसमें शामिल हुआ।
NISAR: यह साझेदारी NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar (NISAR) मिशन पर आधारित है, जिसे 2025 में लॉन्च किया गया था।
रणनीतिक महत्व: यह सहयोग भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करता है और भविष्य में चंद्रमा तथा मंगल ग्रह के अन्वेषण का समर्थन करता है। इसमें चंद्र संसाधनों के उपयोग, जैसे पानी निकालना और ईंधन का उत्पादन करना, भी शामिल है।
📌 एक-पंक्ति अतिरिक्त तथ्य
आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) की स्थापना अक्टूबर 2020 में NASA और अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा शांतिपूर्ण नागरिक अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एक गैर-बाध्यकारी रूपरेखा के रूप में की गई थी। यह समझौता 1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के सिद्धांतों पर आधारित है।
केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 के तहत केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर “केरलम” किया जाना है। इसका उद्देश्य राज्य की संवैधानिक पहचान को स्थानीय मलयालम भाषा में प्रचलित नाम के अनुरूप करना है। यह विधेयक 11 अगस्त 2026 को लोकसभा में पारित हुआ। विधेयक में नए नाम को लागू करने के लिए संविधान के कई प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
📜 पृष्ठभूमि एवं इतिहास
केरल विधानसभा का प्रस्ताव (2024): केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव पारित किया। इसके पीछे भाषाई और सांस्कृतिक प्रामाणिकता को आधार बनाया गया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी (फरवरी 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
संसद में पारित (अगस्त 2026): विधेयक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किया गया और बाद में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे आगे बढ़ाया।
⚖️ संवैधानिक संशोधन
विधेयक में संविधान के कई अनुच्छेदों और अनुसूचियों में बदलाव किए गए हैं:
अनुच्छेद 31A एवं 290A: “Kerala” के स्थान पर “Keralam” किया जाएगा।
पहली अनुसूची: राज्यों की आधिकारिक सूची में केरल के नाम को अपडेट किया जाएगा।
चौथी अनुसूची: राज्यसभा में सीटों के आवंटन से संबंधित संदर्भों में बदलाव किया जाएगा।
कानूनों का अनुकूलन: केंद्र और राज्य सरकारों को एक वर्ष के भीतर कानूनों, अधिसूचनाओं और सरकारी अभिलेखों में नए नाम को लागू करने का अधिकार दिया गया है।
🌍 नाम परिवर्तन का महत्व
सांस्कृतिक पहचान: “केरलम” मलयालम भाषा में राज्य का मूल नाम है। यह भाषाई गौरव और ऐतिहासिक निरंतरता को दर्शाता है।
ऐतिहासिक संदर्भ: यह नाम केरल पिरवी से भी जुड़ा है, जिसे केरल के गठन दिवस के रूप में 1 नवंबर 1956 को मनाया जाता है।
पूर्व उदाहरण: भारत में पहले भी राज्यों के नाम बदले गए हैं, जैसे उड़ीसा → ओडिशा (2011) और उत्तरांचल → उत्तराखंड (2007)।
प्रतीकात्मक महत्व: नाम परिवर्तन क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करता है और भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के सिद्धांत के अनुरूप है।
🦁 केरल की जनसांख्यिकी एवं पहचान
जनसंख्या: केरल की जनसंख्या 3.5 करोड़ (35 मिलियन) से अधिक है। राज्य की साक्षरता दर लगभग 96% है और मानव विकास के कई संकेतकों में इसका प्रदर्शन मजबूत है।
भाषा:मलयालम राज्य की आधिकारिक भाषा है और “केरलम” इसका प्रचलित स्थानीय नाम है।
सांस्कृतिक विरासत: केरल ओणम, कथकली, आयुर्वेद और अपने ऐतिहासिक मसाला व्यापार के लिए प्रसिद्ध है।
भौगोलिक विशेषताएँ: यह एक तटीय राज्य है, जहाँ पश्चिमी घाट की जैव-विविधता, प्रसिद्ध बैकवाटर्स और उच्च शहरीकरण देखने को मिलता है।
शेरों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 10 अगस्त को ‘वर्ल्ड लायन डे’ मनाया जाता है। 2026 में, भारत ने एशियाई शेरों के सफल संरक्षण को उजागर किया।
स्थापना: 2013 में संरक्षणवादी डेरेक और बेवर्ली जौबर्ट द्वारा।
वैज्ञानिक नाम: पैंथेरा लियो (Panthera leo)।
भारत में एशियाई शेरों की आबादी: 2015 में 523 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई।
आबादी में बढ़ोतरी: एक दशक में लगभग 70%।
आवास का विस्तार: लगभग 30,000 वर्ग किमी (2020) से बढ़कर लगभग 35,000 वर्ग किमी (2025) तक।
आवास: एशियाई शेर गुजरात में, खासकर गिर इलाके में पाए जाते हैं।
प्रोजेक्ट लायन: आवास में सुधार, बीमारियों की निगरानी और समुदाय की भागीदारी के लिए 2020 में शुरू किया गया।
मुख्य खतरे: आवास का नुकसान और बंटवारा, शिकार की कमी, अवैध शिकार और इंसान-वन्यजीव संघर्ष।
IUCN स्थिति: वल्नरेबल (खतरे की आशंका वाली प्रजाति)।
भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना ने 10-14 अगस्त 2026 तक कोच्चि के सदर्न नेवल कमांड में ‘एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल’ (EOD) अभ्यास 2026 का आठवां संस्करण शुरू किया है। पांच दिन तक चलने वाले इस द्विपक्षीय अभ्यास में दोनों नौसेनाओं की स्पेशलिस्ट डाइविंग और EOD टीमें शामिल हैं।
यह अभ्यास पानी के नीचे विस्फोटक खतरों, साल्वेज ऑपरेशन (मलबा हटाने या डूबे हुए जहाज को निकालने का काम), आधुनिक EOD तरीकों, नई तकनीकों और बेहतरीन तौर-तरीकों पर केंद्रित है। इसमें विषय-विशेषज्ञों का आदान-प्रदान (SMEEs), क्रॉस-ट्रेनिंग, उपकरणों का प्रदर्शन और हालात पर आधारित प्रैक्टिकल अभ्यास जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
भारत और अमेरिका 2005 से संयुक्त साल्वेज और EOD अभ्यास करते आ रहे हैं। 2026 के इस अभ्यास का मकसद आपसी तालमेल (interoperability), पेशेवर सहयोग और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमताओं को बेहतर बनाना है, साथ ही भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है।
परीक्षा के लिए उपयोगी जानकारी: संयुक्त समुद्री EOD क्षमताओं और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए भारत-अमेरिका EOD अभ्यास 2026 (आठवां संस्करण) 10-14 अगस्त 2026 तक कोच्चि के सदर्न नेवल कमांड में आयोजित किया जा रहा है।
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