भारत में LPG सिलेंडर की कमी 2026: कारण, प्रभाव और सरकारी प्रतिक्रिया
भारत मार्च 2026 में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी का सामना कर रहा है, जिससे लंबी कतारें, 25 दिनों तक की डिलीवरी में देरी और काला बाज़ारी की बढ़ती गतिविधियाँ देखी जा रही हैं। यह संकट Strait of Hormuz के माध्यम से ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधाओं से जुड़ा है, जो Iran–US–Israel conflict के बाद उत्पन्न हुई हैं। इसके कारण आपूर्ति सीमित हो गई और कीमतों में वृद्धि हुई।
🔑 एलपीजी की कमी से जुड़े मुख्य तथ्य
- खपत: भारत ने अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच 3.08 करोड़ मीट्रिक टन एलपीजी का उपभोग किया।
- आयात: 1.87 करोड़ मीट्रिक टन एलपीजी आयात की गई, जिसमें अधिकांश आपूर्ति Strait of Hormuz के माध्यम से आई।
- घरेलू उत्पादन: देश में 1.06 करोड़ मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन हुआ।
- वितरण: पूरे देश में 25,566 वितरण केंद्रों के माध्यम से एलपीजी की आपूर्ति की जाती है।
📍 वर्तमान स्थिति (मार्च 2026)
- देरी: सिलेंडर की डिलीवरी में 15–25 दिनों तक की देरी हो रही है।
- कतारें: गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लगी हैं; घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) के कारण कमी और बढ़ गई है।
- रेस्तरां और घर: कई छोटे भोजनालय बंद होने या लकड़ी के चूल्हे पर जाने को मजबूर हैं; घरों में रोज़मर्रा के खाना पकाने में कठिनाई हो रही है।
💰 कीमतों में बढ़ोतरी
- घरेलू एलपीजी (14.2 किग्रा): 7 मार्च 2026 को प्रति सिलेंडर ₹60 की बढ़ोतरी।
- व्यावसायिक एलपीजी (19 किग्रा): प्रति सिलेंडर ₹144 की बढ़ोतरी।
- कुछ राज्यों में: जैसे Bihar में घरेलू एलपीजी की कीमत ₹1,002 प्रति सिलेंडर से अधिक हो गई।
⚠️ कमी के कारण
- भू-राजनीतिक संघर्ष: Strait of Hormuz को Iran द्वारा बंद किए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई।
- सप्लाई चेन में बाधा: टैंकरों में देरी या मार्ग परिवर्तन के कारण भारत की आयात क्षमता कम हो गई।
- पैनिक बाइंग: उपभोक्ताओं ने तेजी से सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया।
- वैश्विक कीमतों में वृद्धि: स्पॉट कार्गो की कीमतें $800–850 प्रति टन तक पहुंच गईं, जिससे भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को नुकसान बढ़ा।
🏛 सरकार की प्रतिक्रिया
- घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए Essential Commodities Act लागू किया गया।
- जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिन का अनिवार्य इंटर-बुकिंग अंतराल लागू किया गया।
- राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आपूर्ति की दैनिक निगरानी करने और काला बाज़ारी के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
- प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नागरिकों से घबराने की अपील न करने और आपूर्ति को स्थिर करने के उपाय जारी होने का आश्वासन दिया।




























