List of World Heritage Sites in India (in Hindi)

भारत में विश्व धरोहर स्थल
भारत के विश्व धरोहर स्थल (कुल 43):

  • सांस्कृतिक स्थल: 35
  • प्राकृतिक स्थल: 7
  • मिश्रित स्थल: 1

सांस्कृतिक विश्व धरोहर स्थल (35)

स्थल (यूनेस्को की सूची में शामिल)स्थानमहत्त्व
आगरा का किला (1983)उत्तर प्रदेश– एक ऐतिहासिक महलनुमा किला
अजंता गुफाएं (1983)महाराष्ट्र– प्राचीन बौद्ध चित्रकला और शिल्प का उत्कृष्ट उदाहरण
एलोरा गुफाएं (1983)महाराष्ट्र– बौद्ध, हिंदू और जैन धर्मों की अद्भुत शिल्पकला
ताजमहल (1983)उत्तर प्रदेश– मुग़ल काल की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना
सूर्य मंदिर, कोणार्क (1984)ओडिशा– सूर्य देव को समर्पित 13वीं सदी का मंदिर
महाबलीपुरम के स्मारकों का समूह (1984)तमिलनाडु– पल्लव वंश के समय की वास्तुकला
गोवा के चर्च और कॉन्वेंट (1986)गोवा– पुर्तगाली उपनिवेश और ईसाई धर्म का प्रतीक
फतेहपुर सीकरी (1986)उत्तर प्रदेश– अकबर द्वारा बनवाया गया मुग़ल कालीन शहर
हम्पी के स्मारकों का समूह (1986)कर्नाटक– विजयनगर साम्राज्य की राजधानी
खजुराहो के स्मारक (1986)मध्य प्रदेश– प्रसिद्ध मूर्तियों वाले हिंदू-जैन मंदिर
एलीफैंटा गुफाएं (1987)महाराष्ट्र– शिव संप्रदाय की शैलकृत गुफाएं
चोल मंदिर समूह (1987, 2004)तमिलनाडु– चोल वंश के मंदिर, स्थापत्य विकास का उदाहरण
पत्तदकल के स्मारक (1987)कर्नाटक– चालुक्य वंश की उत्तरी-दक्षिणी शैली की मिसाल
साँची के बौद्ध स्मारक (1989)मध्य प्रदेश– बौद्ध कला व स्थापत्य के प्राचीन उदाहरण
हुमायूँ का मकबरा (1993)दिल्ली– भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बाग मकबरा
कुतुब मीनार और इसके स्मारक (1993)दिल्ली– कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा निर्मित इस्लामी स्थापत्य
पर्वतीय रेलवे (दार्जिलिंग, कालका-शिमला, नीलगिरी) (1999)विभिन्न– पहाड़ी इलाकों को जोड़ने वाला 19वीं सदी का इंजीनियरिंग चमत्कार
भीमबेटका की शैलाश्रय (2003)मध्य प्रदेश– 30,000 वर्ष पुरानी चित्रकारी वाले प्रागैतिहासिक स्थल
चंपानेर-पावागढ़ पुरातात्विक उद्यान (2004)गुजरात– 8वीं-14वीं सदी की इस्लामी नगरी और किला
छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (2004)महाराष्ट्र– विक्टोरियन गॉथिक और भारतीय परंपरा की मिश्रित शैली
लाल किला परिसर (2007)दिल्ली– मुग़ल काल का महलनुमा किला
जंतर मंतर, जयपुर (2010)राजस्थान– 18वीं सदी की खगोलीय वेधशाला
राजस्थान के पहाड़ी किले (2014)राजस्थान– राजपूतों की शक्ति का प्रतीक
रानी की वाव, पाटन (2014)गुजरात– 11वीं सदी की सुंदर शिल्पकला वाली बावड़ी
नालंदा महाविहार का पुरातात्विक स्थल (2016)बिहार– महायान बौद्ध शिक्षा और विश्वविद्यालय का केंद्र
ले कॉर्बुज़िए का स्थापत्य कार्य (2016)चंडीगढ़– आधुनिक वास्तुकला आंदोलन का अंतर्राष्ट्रीय योगदान
अहमदाबाद का ऐतिहासिक नगर (2017)गुजरात– 15वीं सदी का शहर, विशिष्ट स्थापत्य शैली का प्रदर्शन
मुंबई की विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको इमारतें (2018)महाराष्ट्र– बंदरगाह शहर की 19वीं-20वीं सदी की शैली
जयपुर शहर (2019)राजस्थान– नियोजित शहर और स्थापत्य योजना का उदाहरण
धोलावीरा: एक हड़प्पा शहर (2020)गुजरात– सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख नगर
काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर (2021)तेलंगाना– 13वीं सदी की काकतीय स्थापत्य उत्कृष्टता
शांति निकेतन (2023)पश्चिम बंगाल– रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित सांस्कृतिक और शैक्षिक केंद्र
होयसला मंदिर समूह (2023)कर्नाटक– बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के 12वीं-13वीं सदी के मंदिर
मोदियाम्स (2024)असम– 700 वर्ष पुराने अहोम वंशीय शाही समाधि स्थल
भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य (2025)महाराष्ट्र, तमिलनाडुइस सूची में महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित 12 ऐतिहासिक किलों को शामिल किया गया है, जैसे:
महाराष्ट्र के किले: रायगढ़, राजगढ़, शिवनेरी, प्रतापगढ़, विजयदुर्ग, पन्हाला, सुवर्णदुर्ग, सिंधुदुर्ग, लोहगढ़, साल्हेर, खांदेरी
तमिलनाडु का किला: जिन्जी किला (Gingee Fort)

प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल (7)

स्थलस्थानमहत्त्व
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (1985)असम– एक सींग वाले गैंडे की सबसे बड़ी आबादी
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (1985)राजस्थान– प्रवासी पक्षियों के लिए मानव निर्मित जलभूमि
मानस वन्यजीव अभयारण्य (1985)असम– पूर्वी हिमालय की जैव विविधता और बाघों का निवास
सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान (1987)पश्चिम बंगाल– विश्व की सबसे बड़ी ज्वारनदीय मैंग्रोव वनस्पति
नंदा देवी और फूलों की घाटी (1988, 2005)उत्तराखंड– पुष्पों की घाटी और हिमनद वन्य जीवन का संरक्षण
पश्चिमी घाट (2012)कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र– जैव विविधता से भरपूर पर्वत श्रृंखला
ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (2014)हिमाचल प्रदेश– हिमालय की विविध पारिस्थितिकी और जीव-जंतुओं का निवास

मिश्रित विश्व धरोहर स्थल (1)

स्थलस्थानसांस्कृतिक महत्वप्राकृतिक महत्व
कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान (2016)सिक्किम– सिक्किमी संस्कृति और पवित्रता का प्रतीक– उप-उष्णकटिबंधीय से अल्पाइन तक जैव विविधता का संरक्षण

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