‘विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] एक्ट, 2025’ पूरे ग्रामीण भारत में 1 जुलाई 2026 से लागू हुआ, जिसने ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी एक्ट (MGNREGA), 2005’ की जगह ली।
यह नया कानून हर फाइनेंशियल ईयर में मज़दूरी वाले रोज़गार की कानूनी गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करता है। इसका मकसद ग्रामीण आजीविका को मज़बूत करना, आय की सुरक्षा बढ़ाना और तेज़ी से ग्रामीण विकास में मदद करना है। यह मज़दूरी का समय पर और पारदर्शी भुगतान भी सुनिश्चित करता है और तय समय के भीतर काम न मिलने पर बेरोज़गारी भत्ता देने का प्रावधान भी करता है।
केंद्र सरकार ने 2026–27 में इस स्कीम को लागू करने के लिए ₹95,692 करोड़ आवंटित किए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, नया ढांचा लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ सामुदायिक संपत्ति बनाकर और रोज़गार के अवसर बढ़ाकर ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न में योगदान देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।




