इज़राइल आधिकारिक तौर पर सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने वाला पहला देश बन गया है, जो एक ऐतिहासिक राजनयिक बदलाव है। इस कदम पर सोमालिया और अफ्रीकी संघ ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिन्होंने चेतावनी दी है कि इससे हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में अस्थिरता आ सकती है।
मुख्य बातें
- ऐतिहासिक मान्यता: 26 दिसंबर 2025 को, इज़राइल ने औपचारिक रूप से सोमालीलैंड को मान्यता दी, जो एक अलग हुआ क्षेत्र है जिसने 1991 में सोमालिया से स्वतंत्रता की घोषणा की थी।
- पहला संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश: इज़राइल ऐसा पहला संयुक्त राष्ट्र सदस्य है जिसने यह मान्यता दी है, हालांकि ताइवान ने पहले 2020 में सोमालीलैंड को मान्यता दी थी।
- सामरिक महत्व: सोमालीलैंड लाल सागर गलियारे के किनारे स्थित है, जो व्यापार और सुरक्षा के लिए भू-राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- राजनयिक संबंध: इज़राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही ने आपसी मान्यता की घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कृषि, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की योजना है।
- वैश्विक प्रतिक्रियाएं: सोमालिया ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया, जबकि तुर्की, मिस्र और अफ्रीकी संघ ने भी इज़राइल के फैसले की आलोचना की।
संदर्भ
सोमालीलैंड 1991 से अपनी सरकार, सेना और मुद्रा के साथ काम कर रहा है, लेकिन उसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली थी। इज़राइल का यह कदम अन्य देशों को अपने रुख पर पुनर्विचार करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है, हालांकि इससे पूर्वी अफ्रीका में तनाव बढ़ने का खतरा है।
