ग्लोबल टूरिज्म रेजिलिएंस डे – 17 फरवरी

ग्लोबल टूरिज्म रेजिलिएंस डे हर साल 17 फरवरी को मनाया जाता है। इसे एक ऐसा टूरिज्म सेक्टर बनाने की अहमियत को दिखाने के लिए शुरू किया गया था जो महामारी, प्राकृतिक आपदाओं, आर्थिक झटकों और क्लाइमेट चेंज जैसे संकटों का सामना कर सके। यह दिन सरकारों, बिज़नेस और यात्रियों के लिए सस्टेनेबल और एडैप्टेबल टूरिज्म प्रैक्टिस को प्राथमिकता देने के लिए एक ग्लोबल कॉल टू एक्शन के तौर पर काम करता है।

📖 बैकग्राउंड और अहमियत

शुरुआत: इस पहल को ग्लोबल टूरिज्म रेजिलिएंस एंड क्राइसिस मैनेजमेंट सेंटर (GTRCMC) ने शुरू किया था, जिसे यूनाइटेड नेशंस और इंटरनेशनल टूरिज्म बॉडीज़ से मज़बूत सपोर्ट मिला था।

मकसद: टूरिज्म की रुकावटों से तेज़ी से उबरने की क्षमता को मज़बूत करना, साथ ही आर्थिक विकास, कल्चरल लेन-देन और एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देना जारी रखना।

ग्लोबल असर: टूरिज्म कई देशों, खासकर डेवलपिंग देशों और छोटे आइलैंड देशों के लिए इनकम, रोज़गार और फॉरेन एक्सचेंज का एक बड़ा सोर्स है। रेजिलिएंट टूरिज्म यह पक्का करता है कि संकट के समय भी ये इकॉनमी स्थिर रहें।

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