वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान: मुख्य घटनाएँ और वैश्विक प्रभाव

जनवरी 2026 में, वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई – जिसका कोडनेम ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व था – ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और फर्स्ट लेडी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के बाद दुनिया भर में ज़ोरदार बहस छेड़ दी। यह ऑपरेशन 3 जनवरी, 2026 को किया गया था, जिसमें डेल्टा फोर्स जैसी अमेरिकी एलीट यूनिट्स शामिल थीं, जिन्हें इंटेलिजेंस और एयर-नेवल सपोर्ट मिला हुआ था, और वाशिंगटन ने इसे ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म के आरोपों के आधार पर सही ठहराया था।

ऑपरेशन के बाद, मादुरो और फ्लोरेस को संयुक्त राज्य अमेरिका ले जाया गया और न्यूयॉर्क में ट्रायल के लिए हिरासत में लिया गया। हमलों से काराकास में धमाके हुए और बड़े पैमाने पर डर फैल गया, जिससे पूरे शहर में सब कुछ बंद हो गया और नागरिकों में देश के भविष्य के नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता फैल गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, इस कार्रवाई ने संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून पर गंभीर चिंताएँ पैदा कीं, आलोचकों ने इसे वेनेजुएला की आज़ादी का उल्लंघन बताया, जबकि समर्थकों ने इसे अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ एक ज़रूरी कदम बताया। वेनेजुएला को स्थिर करने और तेल सप्लाई को बहाल करने के बारे में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने विवाद को और बढ़ा दिया।

इसका असर लैटिन अमेरिका से भी आगे तक फैला। विश्लेषकों ने चेतावनी दी कि एकतरफा हस्तक्षेप की यह मिसाल रूस और चीन से जुड़े अन्य संवेदनशील मामलों को प्रभावित कर सकती है, जबकि क्षेत्रीय सरकारें बंटी हुई थीं। कुल मिलाकर, इस ऑपरेशन ने एक बड़ा भू-राजनीतिक मोड़ लाया, जिसने वेनेजुएला के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया और शक्ति, वैधता और वैश्विक व्यवस्था पर बहस को तेज़ कर दिया।
3 जनवरी, 2026 को, वेनेजुएला में एक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई – जिसका कोडनेम ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व था – ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और फर्स्ट लेडी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया।

Exit mobile version