डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण 26 नवंबर 2025 को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में किया गया, जो भारत के संविधान दिवस के साथ मेल खाता है। यह समारोह भारत के यूनेस्को राजदूत विषाल वी. शर्मा के नेतृत्व में हुआ और इसमें यूनेस्को के महानिदेशक खालिद एल-एनानी भी उपस्थित रहे। यह पहली बार है जब अंबेडकर की प्रतिमा किसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्था में स्थापित की गई है। प्रतिमा के साथ एक पट्टिका भी है, जो भारतीय संविधान के 70 वर्षों का सम्मान करती है।
यह आयोजन भारत के उस प्रयास को दर्शाता है, जिसमें अंबेडकर की वैश्विक विरासत—सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों—को उजागर किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अनावरण को गर्व का क्षण और भारत के संविधान निर्माता को सार्थक श्रद्धांजलि बताया। यूनेस्को ने भी उनके योगदान को स्वीकार किया और उनके आदर्शों को अपनी शिक्षा, मानवाधिकार और समानता को बढ़ावा देने की मिशन से जोड़ा।
यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मज़बूत करती है और सुनिश्चित करती है कि अंबेडकर का संदेश लोकतंत्र और सामाजिक सशक्तिकरण पर वैश्विक संवाद को प्रेरित करता रहे।
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