सूर्यपथ तिरंगा भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा 2026 के तहत शुरू की गई एक वैश्विक तिरंगा रिले है। विभिन्न समय क्षेत्रों में स्थित भारतीय मिशनों और पोस्टों पर क्रमिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जो प्रतीकात्मक रूप से पूर्व से पश्चिम की ओर उगते सूर्य के मार्ग का अनुसरण करता है।
📅 शुरुआत: 15 अगस्त 2026
📍 प्रारंभ: सुवा, फिजी — भारतीय समयानुसार सुबह 1:30 बजे
🌍 प्रारंभिक कवरेज: पहले 9 घंटों में 21 देश
🕥 पहुंचा: कतर — भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे
🇺🇸 निर्धारित समापन: सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका
🎯 उद्देश्य: तिरंगे के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति, भारतीय विरासत और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ावा देना।
🌐 प्रतिभागी: दुनियाभर में स्थित भारतीय मिशन, प्रवासी भारतीय और भारत के मित्र।
🇮🇳 अभियान:हर घर तिरंगा 2026
परीक्षा बिंदु:सूर्यपथ तिरंगा प्रतीकात्मक रूप से समय क्षेत्रों के अनुसार सूर्य की गति के साथ तिरंगे को आगे बढ़ाता है, जिससे स्वतंत्रता दिवस पर भारत और वैश्विक भारतीय समुदाय को जोड़ा जाता है।
मैग्नस कार्लसन ने पेरिस में ग्रैंड फाइनल में डेनिस लाज़ाविक को 2–0 से हराकर Esports World Cup Chess 2026 का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। नॉर्वे के इस स्टार खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए अपना लगातार दूसरा EWC Chess खिताब जीता और $250,000 की पुरस्कार राशि हासिल की।
🏆 विजेता: मैग्नस कार्लसन (नॉर्वे, टीम लिक्विड)
🥈 उपविजेता: डेनिस लाज़ाविक (बेलारूस)
🥉 तीसरा स्थान: हिकारू नाकामुरा (अमेरिका)
📅 आयोजन की तारीख: 11–15 अगस्त 2026
📍 स्थान: पेरिस, फ्रांस
💰 पुरस्कार राशि: कार्लसन के लिए $250,000
♟️ प्रारूप: रैपिड शतरंज (10 मिनट के खेल)
⭐ प्रमुख रिकॉर्ड: EWC Chess का खिताब लगातार दो बार (2025 और 2026) जीतने वाले पहले खिलाड़ी।
परीक्षा बिंदु: मैग्नस कार्लसन ने Esports World Cup Chess 2026 का खिताब जीता और इस प्रतियोगिता के पहले लगातार दो बार चैंपियन (Back-to-Back Champion) बने।
15 अगस्त 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित किया और 2047 तक “विकसित भारत” बनाने का एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता, आर्थिक विकास, तकनीक, रक्षा, शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और इनोवेशन पर ज़ोर दिया।
प्रमुख घोषणाएं और मुख्य बातें
विकसित भारत @2047: पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 140 करोड़ नागरिकों से सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
सप्त धारा: भारत की विकास रणनीति सात स्तंभों पर केंद्रित होगी—मैन्युफैक्चरिंग; कृषि और खाद्य उत्पादन; तकनीक और इनोवेशन; इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी; रक्षा; ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी; और सॉफ्ट पावर।
मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग: कोचिंग के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों को शीर्ष शिक्षकों द्वारा मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी।
AI स्किल ट्रेनिंग: अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को वैश्विक AI क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम बनाना है।
तकनीक और इनोवेशन: फोकस क्षेत्रों में AI, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर शामिल हैं, जिनका लक्ष्य भारत को वैश्विक इनोवेशन हब बनाना है।
परमाणु ऊर्जा: भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना और मौजूदा दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करना है।
रक्षा आत्मनिर्भरता: भारत ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, हाइपरसोनिक रक्षा और साइबर सुरक्षा में अपनी क्षमताओं को मजबूत करेगा और वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनने का प्रयास करेगा।
मैन्युफैक्चरिंग: भारत का लक्ष्य पूरी मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन—पुर्जों और डिज़ाइन से लेकर तैयार उत्पादों तक—को विकसित करना और एक भरोसेमंद वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनना है।
कृषि और निर्यात: खाद्य प्रसंस्करण, रसायन-मुक्त खेती और कृषि निर्यात पर अधिक ज़ोर दिया जाएगा, और किसानों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर: गति शक्ति, हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हाईवे, अंतर्देशीय जलमार्ग, हवाई अड्डे और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स तेज़ कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगे।
युवा और स्टार्टअप: भारत में 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जबकि ₹1 लाख करोड़ का इनोवेशन फंड युवा इनोवेटर्स को सहायता प्रदान करेगा। स्पोर्ट्स टैलेंट हंट: देश भर में एक टैलेंट हंट के ज़रिए गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 साल के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान की जाएगी। चुने गए बच्चों को इंटरनेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी।
खेल आयोजन: भारत 2036 के ओलंपिक की अपनी महत्वाकांक्षा के लिए तैयारी कर रहा है और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा।
महिला सशक्तिकरण: 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य पहले ही पार कर लिया गया है, और अब 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा: पिछले दशक में लगभग 650 यूनिवर्सिटीज़ जोड़ी गई हैं, जबकि 10,000 से ज़्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स बनाई गई हैं।
हेल्थकेयर: सोशल सिक्योरिटी कवरेज 100 करोड़ नागरिकों तक बढ़ गया है, जबकि 70 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक का मुफ़्त इलाज मिल रहा है।
आर्थिक विकास: पीएम मोदी ने बताया कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल-फ़ोन और रेलवे प्रोडक्शन में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
ग्लोबल इकोनॉमिक एम्बिशन: भारत का लक्ष्य है कि अगले दशक में 50 फॉर्च्यून 500 कंपनियां हों और कम से कम एक भारतीय बैंक दुनिया के टॉप पांच बैंकों में शामिल हो।
उद्घाटनकर्ता: केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, जिन्होंने वर्चुअल तरीके से ड्रोन के उड़ान भरने का लाइव नज़ारा देखा।
तिरंगे का पार्सल रेहरधर में प्राप्त किया गया और औपचारिक रूप से सेना के एक पूर्व सैनिक को सौंपा गया।
यह पहल दिखाती है कि ड्रोन तकनीक कैसे ‘लास्ट-माइल’ पोस्टल कनेक्टिविटी (अंतिम छोर तक डाक सेवा) को बेहतर बना सकती है, खासकर दूर-दराज और मुश्किल इलाकों में।
इंडिया पोस्ट की योजना हिमाचल प्रदेश और असम में 150 चिन्हित रूटों पर ड्रोन-आधारित डाक सेवा शुरू करने की है।
यह पहल तकनीकी रूप से उन्नत और जुड़े हुए ‘विकसित भारत’ के विज़न का समर्थन करती है और इंडिया पोस्ट की सेवा भावना – “डाक सेवा, जन सेवा” – को दर्शाती है।
इसे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से भी जोड़ा गया था, जो नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है।
भारत ने 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले पर अपना 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया।
विषय (Theme):युवा शक्ति (Yuva Shakti), जो विकसित भारत@2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
वंदे मातरम्: समारोह में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने को चिह्नित किया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले पर वंदे मातरम् का गायन किया गया।
ध्वजारोहण: राष्ट्रीय ध्वज को 21 तोपों की सलामी के साथ फहराया गया, जबकि भारतीय वायुसेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने पुष्पवर्षा की।
शक्ति की सप्त धारा: प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शक्ति के सात क्षेत्रों को रेखांकित किया—विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार, कनेक्टिविटी, रक्षा, हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर।
AI अनुवाद: प्रधानमंत्री के भाषण का Digital India Bhashini का उपयोग करके 22 भारतीय भाषाओं में लाइव अनुवाद किया गया।
युवा भागीदारी: लगभग 2,500 NCC कैडेटों और MY Bharat स्वयंसेवकों ने ज्ञानपथ पर “वंदे मातरम्” की आकृति बनाई।
विशेष अतिथि:19 भारतीय ओलंपियाड पदक विजेता और समाज के विभिन्न वर्गों से लगभग 5,000 आमंत्रित अतिथि समारोह में शामिल हुए।
अन्य प्रमुख आकर्षण: कार्यक्रम के बाद पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता प्लॉगिंग अभियान (Swachhata Plogging Drive) आयोजित किया गया।
12 अगस्त 2026 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा “ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स” (Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles) जारी की। यह किताब उत्तर प्रदेश के परौंख गाँव में एक साधारण शुरुआत से लेकर भारत के 14वें राष्ट्रपति बनने तक के कोविंद के सफ़र का बहुत ही निजी ब्यौरा देती है।
📖 आत्मकथा के बारे में मुख्य बातें
शीर्षक: ट्रायम्फ ऑफ़ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ़, माई स्ट्रगल्स
लेखक: राम नाथ कोविंद (भारत के 14वें राष्ट्रपति, 2017–2022)
प्रकाशक: रूपा पब्लिकेशन्स
जारी होने की तारीख: 12 अगस्त 2026
किसने जारी की: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में
‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों लोगों की याद में मनाया जाता है जिन्होंने 1947 के बंटवारे के दौरान विस्थापन, हिंसा और नुकसान का सामना किया था।
📜 पृष्ठभूमि और महत्व
भारत सरकार ने 2021 में इसकी घोषणा की थी और यह हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है।
यह आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े सामूहिक विस्थापन की याद दिलाता है — जिसमें भारत और पाकिस्तान के बीच लाखों लोग विस्थापित हुए थे।
यह बंटवारे के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा, हत्याओं, अपहरण, संपत्ति के विनाश और परिवारों के बिछड़ने की घटनाओं को उजागर करता है।
उद्देश्य: यह सुनिश्चित करना कि आने वाली पीढ़ियां इतिहास से सीखें और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव, सहानुभूति और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा मिले।
7 अगस्त 2026 को, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने सऊदी अरब के मक्का में ‘मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट’ (मक्का संयुक्त रक्षा समझौता) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत सामूहिक रक्षा का वादा किया गया है कि अगर किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों पर हमला माना जाएगा।
हस्ताक्षरकर्ता: सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़।
मुख्य सिद्धांत: “एक पर हमला, सब पर हमला” (An attack on one is an attack on all) – यह NATO के सामूहिक रक्षा सिद्धांत जैसा ही है।
पृष्ठभूमि: यह समझौता सितंबर 2025 में हुए सऊदी-पाकिस्तान स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) पर आधारित है, जिसमें अब तुर्की भी शामिल हो गया है।
मुख्य क्षेत्र: संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा तकनीक में सहयोग और समन्वित सैन्य गतिविधियां।
रणनीतिक महत्व: यह समझौता पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय अस्थिरता और बदलती सुरक्षा स्थितियों के बीच तीनों देशों के बीच गहरे रक्षा संबंधों को दर्शाता है।
सऊदी का रुख: इस समझौते को टिकाऊ रक्षा सहयोग के लिए एक तंत्र बताया गया, न कि किसी सैन्य या सांप्रदायिक गुट के तौर पर।
परीक्षा के लिए तथ्य: मक्का जॉइंट डिफेंस पैक्ट → सऊदी अरब + तुर्की + पाकिस्तान → 7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर → “एक पर हमला, सब पर हमला।”
विश्व हाथी दिवस हर साल 12 अगस्त को मनाया जाता है। 2026 में, इसका विषय “हाथियों की मदद के लिए दुनिया को एक साथ लाना” था, जिसमें हाथियों को उनके आवास के नुकसान, अवैध शिकार, हाथीदांत के गैर-कानूनी व्यापार और मानव-हाथी संघर्ष से बचाने के वैश्विक प्रयासों पर ज़ोर दिया गया।
पहली बार मनाया गया: 2012
भारत का महत्व: दुनिया के लगभग 60% एशियाई हाथी भारत में पाए जाते हैं।
भारत में जंगली हाथियों की आबादी: 22,446 (SAIEE 2021–25 जनगणना)।
प्रोजेक्ट एलिफेंट: हाथियों के आवास की सुरक्षा, कल्याण और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए 1992 में शुरू किया गया।
हाथी रिज़र्व: 14 राज्यों में लगभग 80,777 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले 33 रिज़र्व।
हाथी कॉरिडोर: पूरे भारत में 150 पहचाने गए कॉरिडोर।
पश्चिम बंगाल: यहाँ सबसे ज़्यादा पहचाने गए हाथी कॉरिडोर (26) हैं।
संरक्षण तकनीक: हाथियों की सुरक्षा के लिए DNA-आधारित जनगणना, AI मॉनिटरिंग, रेडियो-कॉलरिंग और अर्ली-वॉर्निंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परीक्षा के लिए ज़रूरी जानकारी: विश्व हाथी दिवस → 12 अगस्त | 2026 का विषय → “हाथियों की मदद के लिए दुनिया को एक साथ लाना” | प्रोजेक्ट एलिफेंट → 1992।
NASA ने ISRO को अपने मून बेस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम पर 5–6 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित भारत-अमेरिका नागरिक अंतरिक्ष संयुक्त कार्य समूह (India-U.S. Civil Space Joint Working Group) की बैठक के दौरान चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक स्थायी मानव चौकी स्थापित करना है।
चरण 1 (2026–2029): रोबोटिक अन्वेषण और तकनीकी परीक्षण।
चरण 2 (2029–2032): चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का विकास।
चरण 3 (2032 के बाद): एक स्थायी चंद्र आधार की स्थापना।
भारत की भूमिका: चंद्र अन्वेषण, तकनीकी सहयोग और अमेरिका के साथ वैज्ञानिक डेटा साझा करने को मजबूत करना।
आर्टेमिस समझौता (Artemis Accords): भारत ने जून 2023 में 27वें हस्ताक्षरकर्ता देश के रूप में इसमें शामिल हुआ।
NISAR: यह साझेदारी NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar (NISAR) मिशन पर आधारित है, जिसे 2025 में लॉन्च किया गया था।
रणनीतिक महत्व: यह सहयोग भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करता है और भविष्य में चंद्रमा तथा मंगल ग्रह के अन्वेषण का समर्थन करता है। इसमें चंद्र संसाधनों के उपयोग, जैसे पानी निकालना और ईंधन का उत्पादन करना, भी शामिल है।
📌 एक-पंक्ति अतिरिक्त तथ्य
आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) की स्थापना अक्टूबर 2020 में NASA और अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा शांतिपूर्ण नागरिक अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एक गैर-बाध्यकारी रूपरेखा के रूप में की गई थी। यह समझौता 1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के सिद्धांतों पर आधारित है।
केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 के तहत केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर “केरलम” किया जाना है। इसका उद्देश्य राज्य की संवैधानिक पहचान को स्थानीय मलयालम भाषा में प्रचलित नाम के अनुरूप करना है। यह विधेयक 11 अगस्त 2026 को लोकसभा में पारित हुआ। विधेयक में नए नाम को लागू करने के लिए संविधान के कई प्रावधानों में संशोधन किया गया है।
📜 पृष्ठभूमि एवं इतिहास
केरल विधानसभा का प्रस्ताव (2024): केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से राज्य का नाम बदलकर केरलम करने का प्रस्ताव पारित किया। इसके पीछे भाषाई और सांस्कृतिक प्रामाणिकता को आधार बनाया गया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी (फरवरी 2026): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
संसद में पारित (अगस्त 2026): विधेयक को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किया गया और बाद में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे आगे बढ़ाया।
⚖️ संवैधानिक संशोधन
विधेयक में संविधान के कई अनुच्छेदों और अनुसूचियों में बदलाव किए गए हैं:
अनुच्छेद 31A एवं 290A: “Kerala” के स्थान पर “Keralam” किया जाएगा।
पहली अनुसूची: राज्यों की आधिकारिक सूची में केरल के नाम को अपडेट किया जाएगा।
चौथी अनुसूची: राज्यसभा में सीटों के आवंटन से संबंधित संदर्भों में बदलाव किया जाएगा।
कानूनों का अनुकूलन: केंद्र और राज्य सरकारों को एक वर्ष के भीतर कानूनों, अधिसूचनाओं और सरकारी अभिलेखों में नए नाम को लागू करने का अधिकार दिया गया है।
🌍 नाम परिवर्तन का महत्व
सांस्कृतिक पहचान: “केरलम” मलयालम भाषा में राज्य का मूल नाम है। यह भाषाई गौरव और ऐतिहासिक निरंतरता को दर्शाता है।
ऐतिहासिक संदर्भ: यह नाम केरल पिरवी से भी जुड़ा है, जिसे केरल के गठन दिवस के रूप में 1 नवंबर 1956 को मनाया जाता है।
पूर्व उदाहरण: भारत में पहले भी राज्यों के नाम बदले गए हैं, जैसे उड़ीसा → ओडिशा (2011) और उत्तरांचल → उत्तराखंड (2007)।
प्रतीकात्मक महत्व: नाम परिवर्तन क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करता है और भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के सिद्धांत के अनुरूप है।
🦁 केरल की जनसांख्यिकी एवं पहचान
जनसंख्या: केरल की जनसंख्या 3.5 करोड़ (35 मिलियन) से अधिक है। राज्य की साक्षरता दर लगभग 96% है और मानव विकास के कई संकेतकों में इसका प्रदर्शन मजबूत है।
भाषा:मलयालम राज्य की आधिकारिक भाषा है और “केरलम” इसका प्रचलित स्थानीय नाम है।
सांस्कृतिक विरासत: केरल ओणम, कथकली, आयुर्वेद और अपने ऐतिहासिक मसाला व्यापार के लिए प्रसिद्ध है।
भौगोलिक विशेषताएँ: यह एक तटीय राज्य है, जहाँ पश्चिमी घाट की जैव-विविधता, प्रसिद्ध बैकवाटर्स और उच्च शहरीकरण देखने को मिलता है।
शेरों के संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 10 अगस्त को ‘वर्ल्ड लायन डे’ मनाया जाता है। 2026 में, भारत ने एशियाई शेरों के सफल संरक्षण को उजागर किया।
स्थापना: 2013 में संरक्षणवादी डेरेक और बेवर्ली जौबर्ट द्वारा।
वैज्ञानिक नाम: पैंथेरा लियो (Panthera leo)।
भारत में एशियाई शेरों की आबादी: 2015 में 523 से बढ़कर 2025 में 891 हो गई।
आबादी में बढ़ोतरी: एक दशक में लगभग 70%।
आवास का विस्तार: लगभग 30,000 वर्ग किमी (2020) से बढ़कर लगभग 35,000 वर्ग किमी (2025) तक।
आवास: एशियाई शेर गुजरात में, खासकर गिर इलाके में पाए जाते हैं।
प्रोजेक्ट लायन: आवास में सुधार, बीमारियों की निगरानी और समुदाय की भागीदारी के लिए 2020 में शुरू किया गया।
मुख्य खतरे: आवास का नुकसान और बंटवारा, शिकार की कमी, अवैध शिकार और इंसान-वन्यजीव संघर्ष।
IUCN स्थिति: वल्नरेबल (खतरे की आशंका वाली प्रजाति)।
भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना ने 10-14 अगस्त 2026 तक कोच्चि के सदर्न नेवल कमांड में ‘एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल’ (EOD) अभ्यास 2026 का आठवां संस्करण शुरू किया है। पांच दिन तक चलने वाले इस द्विपक्षीय अभ्यास में दोनों नौसेनाओं की स्पेशलिस्ट डाइविंग और EOD टीमें शामिल हैं।
यह अभ्यास पानी के नीचे विस्फोटक खतरों, साल्वेज ऑपरेशन (मलबा हटाने या डूबे हुए जहाज को निकालने का काम), आधुनिक EOD तरीकों, नई तकनीकों और बेहतरीन तौर-तरीकों पर केंद्रित है। इसमें विषय-विशेषज्ञों का आदान-प्रदान (SMEEs), क्रॉस-ट्रेनिंग, उपकरणों का प्रदर्शन और हालात पर आधारित प्रैक्टिकल अभ्यास जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
भारत और अमेरिका 2005 से संयुक्त साल्वेज और EOD अभ्यास करते आ रहे हैं। 2026 के इस अभ्यास का मकसद आपसी तालमेल (interoperability), पेशेवर सहयोग और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमताओं को बेहतर बनाना है, साथ ही भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करना है।
परीक्षा के लिए उपयोगी जानकारी: संयुक्त समुद्री EOD क्षमताओं और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने के लिए भारत-अमेरिका EOD अभ्यास 2026 (आठवां संस्करण) 10-14 अगस्त 2026 तक कोच्चि के सदर्न नेवल कमांड में आयोजित किया जा रहा है।
भारत ने 31 जुलाई 2026 तक 300.50 GW की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ भारत ने 2030 तक 500 GW के लक्ष्य का 60% से अधिक हासिल कर लिया है। अब गैर-जीवाश्म स्रोत भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता का 54% से अधिक हिस्सा हैं।
स्रोत के अनुसार क्षमता:
☀️ सौर ऊर्जा: 164.59 GW
🌬️ पवन ऊर्जा: 58.14 GW
💧 जल विद्युत: 57.24 GW
🌱 बायो-पावर: 11.75 GW
⚛️ परमाणु ऊर्जा: 8.78 GW
कुल: 300.50 GW
2025–26 के दौरान भारत ने रिकॉर्ड 55.29 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जिसमें 44.6 GW सौर ऊर्जा और 6 GW पवन ऊर्जा शामिल है।
नवीकरणीय बिजली उत्पादन 2014–15 में 190.96 बिलियन यूनिट से बढ़कर 2025–26 में 477.79 बिलियन यूनिट हो गया।
✅ एक-पंक्ति त्वरित पुनरावृत्ति एवं अतिरिक्त तथ्य
भारत ने 31 जुलाई 2026 को 300 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता का आंकड़ा पार किया।
🎯 2030 तक लक्ष्य: 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित क्षमता।
☀️ भारत का पहला सोलर पार्क: चारणका सोलर पार्क, गुजरात (2012)।
☀️ सबसे बड़ा सोलर प्रोजेक्ट: भड़ला सोलर पार्क, राजस्थान — 2.25 GW।
🌍 COP28 प्रतिबद्धता: भारत ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।
🚆 हाइड्रोजन ट्रेन पायलट परियोजना: जींद–सोनीपत सेक्शन, हरियाणा (2026)।
भारत सरकार ने साफ़ किया है कि नागरिकों के लिए UPI पेमेंट मुफ़्त रहेंगे। पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (PSS) एक्ट, 2007 में हालिया बदलाव का मकसद भारत के UPI इकोसिस्टम की लंबे समय तक चलने की क्षमता, तकनीकी तरक्की और मज़बूती को सुनिश्चित करना है।
यूज़र्स के लिए कोई चार्ज नहीं: नागरिकों को UPI पेमेंट के लिए ट्रांज़ैक्शन चार्ज नहीं देना होगा।
मर्चेंट्स के लिए MDR: अगर भविष्य में इसे लागू किया जाता है, तो मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) सिर्फ़ तय सीमा से ज़्यादा वाले कुछ खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर और मामूली दर पर लागू होगा।
ज़्यादातर मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन मुफ़्त रहेंगे: MDR सभी UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लगने वाला कोई आम चार्ज नहीं होगा।
MDR पर फ़ैसला: संसद द्वारा टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास होने के बाद, NPCI की अगुवाई वाली UPI और सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी यह तय करेगी कि MDR लागू किया जाए या नहीं।
बदलाव की वजह: इस कदम का मकसद UPI के बढ़ते इंफ़्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, धोखाधड़ी से बचाव, तकनीकी अपग्रेड और वित्तीय स्थिरता को सपोर्ट करना है।
UPI की ग्रोथ: जुलाई 2026 में, UPI ने ₹29.9 लाख करोड़ के 2,366 करोड़ ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस किए।
ग्लोबल पहुँच: UPI अब 11 विदेशी देशों में चालू है और दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम के तौर पर उभरा है।
UPI की पृष्ठभूमि: NPCI द्वारा विकसित और 2016 में लॉन्च किया गया UPI, मोबाइल नंबर, VPA और QR कोड के ज़रिए तुरंत इंटरऑपरेबल पेमेंट की सुविधा देता है।
भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने USA के सेंट लुइस चेस क्लब में 31 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक आयोजित सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज़ 2026 टूर्नामेंट में अपना पहला खिताब जीता।
उन्होंने 35 में से 23.5 अंक हासिल किए और उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से 1.5 अंक आगे रहे। USA के वेस्ली सो 20.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। प्रज्ञानानंद ने $50,000 और 13 ग्रैंड चेस टूर अंक जीते, जिससे वे ओवरऑल ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर पहुँच गए।
यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रज्ञानानंद ने इसी साल नॉर्वे चेस 2026 भी जीता था।
हर साल 7 अगस्त को ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ (National Handloom Day) मनाया जाता है। यह दिन 1905 के स्वदेशी आंदोलन की याद में मनाया जाता है, जिसने देश में बने उत्पादों को बढ़ावा दिया और विदेशी सामानों का बहिष्कार किया। 2026 में, 12वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में मनाया गया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि थीं।
2026 के समारोह में हथकरघा क्षेत्र में इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और टेक्नोलॉजी पर ज़ोर दिया गया। बेहतरीन काम करने वाले बुनकरों को 3 ‘संत कबीर हथकरघा पुरस्कार’ और 19 ‘राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार’ दिए गए। भारत की हथकरघा परंपराओं को दिखाने वाले चार यादगार डाक टिकट और प्रकाशन भी जारी किए गए।
हथकरघा क्षेत्र 35 लाख से ज़्यादा बुनकरों और उनसे जुड़े कामगारों को रोज़गार देता है, जिनमें से 72% महिलाएं हैं। यह ग्रामीण रोज़गार और महिलाओं के नेतृत्व वाले आर्थिक सशक्तिकरण का एक अहम ज़रिया है। बनारसी सिल्क, कांजीवरम, महेश्वरी, कोटा डोरिया और खादी जैसे पारंपरिक कपड़े भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बातें:
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: 7 अगस्त
संबंधित घटना: स्वदेशी आंदोलन, 1905
पहली बार मनाया गया: 2015
2026 संस्करण: 12वां
मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
स्थान: राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली
सरकार ने संसद को बताया कि भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ने काफी प्रगति की है। इसके तहत, बिना क्रू (यात्री) वाला पहला एक्सपेरिमेंटल मिशन 2026 की चौथी तिमाही (Q4) के लिए और क्रू वाला पहला मिशन 2027 के लिए तय किया गया है।
बिना क्रू वाला पहला एक्सपेरिमेंटल मिशन: Q4 2026, जिसमें ‘व्योममित्र’ (एक हाफ-ह्यूमनॉइड रोबोट) भी शामिल होगा।
गगनयान का पहला क्रू वाला मिशन: 2027 के लिए तय।
क्रू वाली पहली उड़ान से पहले दो और बिना क्रू वाले मिशन की योजना है।
ह्यूमन-रेटेड लॉन्च व्हीकल (HLVM3) के प्रोपल्शन स्टेज और स्ट्रक्चर का डेवलपमेंट और ग्राउंड टेस्टिंग पूरी हो चुकी है।
क्रू एस्केप सिस्टम के कई बड़े सफल टेस्ट किए गए हैं, और टेस्ट व्हीकल मिशन TV-D1 ने क्रू-एस्केप टेक्नोलॉजी को सफलतापूर्वक टेस्ट किया है।
चुने गए गगनयात्रियों ने रूस में जेनेरिक स्पेसफ्लाइट ट्रेनिंग पूरी कर ली है और बेंगलुरु में मिशन-स्पेसिफिक ट्रेनिंग ले रहे हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2024 में आठ गगनयान मिशनों के लिए ₹20,193 करोड़ की मंज़ूरी दी।
भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के 2035 तक चालू होने का लक्ष्य है और इसमें पांच मॉड्यूल होंगे।
भारत इस कार्यक्रम के अलग-अलग पहलुओं के लिए ESA, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और रूस के साथ सहयोग कर रहा है।
मुख्य बातें: 🚀 गगनयान का पहला बिना क्रू वाला मिशन → Q4 2026 👨🚀 पहला क्रू वाला मिशन → 2027 🛰️ भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन → 2035 💰 गगनयान के लिए आवंटन → ₹20,193 करोड़
5 अगस्त 2026 को संसद ने ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पास किया। इसके तहत भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
यह संशोधन ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956’ में बदलाव करता है।
न्यायाधीशों की संख्या में यह बढ़ोतरी पहले ही मई 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा जारी एक अध्यादेश के ज़रिए की जा चुकी थी।
सरकार ने कहा कि इस कदम का मकसद सुप्रीम कोर्ट की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना और समय पर न्याय सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने व्यापक न्यायिक सुधारों के हिस्से के तौर पर इस कदम का बचाव किया।
उसी दिन, लोकसभा ने ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 2026’ भी पास किया। इसका मकसद बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल बैंकिंग सबूतों से जुड़े नियमों को आधुनिक बनाना है।
परीक्षा के लिए ज़रूरी तथ्य: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (CJI को छोड़कर) → 37।
4 अगस्त 2026 को, भारत के झंडे वाला कार्गो जहाज़ MSV फ़ैज़ नूर ओलिय्या, यमन के पास लाल सागर में एक प्रोजेक्टाइल/विस्फोटक से लदी नाव की टक्कर के बाद डूब गया। यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 क्रू सदस्यों (जिनमें 13 भारतीय और एक यमनी नागरिक शामिल थे) को सुरक्षित बचा लिया और मोखा बंदरगाह पहुँचाया।
मुख्य बातें:
जहाज़: MSV फ़ैज़ नूर ओलिय्या — भारत के झंडे वाला मशीनीकृत सेलिंग वेसल (पाल वाला जहाज़)।
तारीख: 4 अगस्त 2026।
जगह: लाल सागर, यमन के पश्चिमी तट के पास।
क्रू: 14 सदस्य, जिनमें 13 भारतीय शामिल थे।
हताहत: कोई नहीं; सभी क्रू सदस्यों को बचा लिया गया।
भारत की प्रतिक्रिया: विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे “बिना उकसावे के” किया गया हमला बताया और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही की मांग की।
बचाव कार्य: यमनी कोस्ट गार्ड ने क्रू सदस्यों को बचाया और उन्हें मोखा बंदरगाह पहुँचाया।
यह हमला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लाल सागर शिपिंग रूट पर समुद्री सुरक्षा के लगातार बने हुए खतरों को उजागर करता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण: MSV फ़ैज़ नूर ओलिय्या — भारत के झंडे वाला जहाज़ — लाल सागर — यमन — 4 अगस्त 2026 — 14 क्रू सदस्यों में से 13 भारतीयों को बचाया गया।
राज्यसभा से मंज़ूरी मिलने के बाद, संसद ने 4 अगस्त 2026 को ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित किया; लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी थी। यह विधेयक ‘जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969’ में संशोधन करता है और इसका मकसद समय पर और सही पंजीकरण को बढ़ावा देते हुए, देर से होने वाले पंजीकरण के नियमों को और सख्त बनाना है।
मुख्य प्रावधान:
1–2 साल की देरी: एक साल के बाद लेकिन दो साल के भीतर बताई गई जन्म या मृत्यु के पंजीकरण के लिए, सत्यापन के बाद ज़िला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मंज़ूरी की ज़रूरत होगी।
2 साल से ज़्यादा की देरी: पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की ज़रूरत होगी।
इस संशोधन का मकसद गलत तरीके से देर से पंजीकरण के ज़रिए होने वाले दुरुपयोग, हेरफेर और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकना है।
इसका मकसद जन्म और मृत्यु का सार्वभौमिक और सही पंजीकरण सुनिश्चित करना और नागरिक रिकॉर्ड की विश्वसनीयता को बेहतर बनाना है।
भारत में लगभग 3.5 लाख पंजीकरण इकाइयाँ हैं।
जन्म पंजीकरण 2014 में 86.6% से बढ़कर 2024 में 99% से ज़्यादा हो गया।
इसी अवधि में मृत्यु पंजीकरण 72.5% से बढ़कर 99.4% हो गया।
विधेयक का समर्थन करने वाले सदस्यों ने कानूनी पहचान, शासन, नीति-निर्माण और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी के लिए पंजीकरण के महत्व पर ज़ोर दिया।
कुछ सदस्यों ने चिंता जताई कि दो साल बाद मामलों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास भेजने से पहले से ही बोझ तले दबे न्यायालयों पर काम का बोझ और बढ़ सकता है।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बात: यह विधेयक मुख्य रूप से जन्म और मृत्यु के देर से पंजीकरण की प्रक्रिया को मज़बूत करता है, खासकर घटना के दो साल बाद किए जाने वाले पंजीकरण के मामले में।
राजस्थान की 19 साल की साइक्लिस्ट हर्षिता जाखड़, ‘टूर डी फ्रांस फेम्स’ में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने 2 अगस्त 2026 को स्विट्जरलैंड में स्टेज 2 की औपचारिक शुरुआत में भाग लिया।
हर्षिता उन आठ साइक्लिस्ट के खास तौर पर चुने गए ग्रुप का हिस्सा थीं, जो अफ़गानिस्तान, अल्जीरिया, चिली, इथियोपिया, नामीबिया और युगांडा जैसे देशों से आए थे।
इन राइडर्स को UCI (यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनल) ने चुना था और उन्होंने कोर्स के 4.5 किलोमीटर के न्यूट्रलाइज़्ड सेक्शन को पूरा किया।
‘टूर डी फ्रांस फेम्स’, पुरुषों के ‘टूर डी फ्रांस’ का महिला संस्करण है और यह UCI महिला वर्ल्ड टूर कैलेंडर का हिस्सा है।
2026 की रेस 1 अगस्त को लॉज़ेन में शुरू हुई और 9 अगस्त को नीस में खत्म होने वाली है।
हर्षिता ने भारत में जूनियर और सीनियर साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में कई सफलताएँ हासिल की हैं।
उनका लक्ष्य 2026 एशियाई खेलों में टॉप 10 में जगह बनाना और 2030 एशियाई खेलों में मेडल जीतना है।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बात: हर्षिता जाखड़ → टूर डी फ्रांस फेम्स में पहली भारतीय महिला → राजस्थान → 2026।
एयर मार्शल तेजपाल सिंह AVSM VM ने 1 अगस्त 2026 को डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ (DCAS) का पद संभाला।
मुख्य बातें
नए डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ: एयर मार्शल तेजपाल सिंह
पद संभाला: 1 अगस्त 2026
वे 16 जून 1990 को भारतीय वायु सेना में फाइटर पायलट के तौर पर शामिल हुए थे।
उन्हें 3,500 घंटे से ज़्यादा की उड़ान का अनुभव है।
वे कैटेगरी A क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं।
उन्होंने भारतीय वायु सेना में कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, कमांड और स्टाफ पदों पर काम किया है।
उन्हें 2011 में वायु सेना मेडल (VM) से सम्मानित किया गया था।
उन्हें 2021 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) मिला।
उन्होंने एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती की जगह ली, जो 39 साल की सेवा के बाद 31 जुलाई 2026 को रिटायर हुए थे।
परीक्षा के लिए ज़रूरी बात: एयर मार्शल तेजपाल सिंह भारतीय वायु सेना के नए डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ (DCAS) हैं, और यह नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से लागू हुई है।
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद, AVSM, YSM ने 1 अगस्त 2026 को डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS) का पद संभाला। उन्होंने वाइस एडमिरल तरुण सोबती की जगह ली है, जो 38 साल से ज़्यादा की शानदार सेवा के बाद 31 जुलाई 2026 को रिटायर हुए थे।
वाइस एडमिरल प्रमोद 1 जुलाई 1990 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और उन्होंने कमांड, ऑपरेशनल, इंस्ट्रक्शनल और स्टाफ जैसे कई पदों पर 36 साल से ज़्यादा समय तक सेवा की है।
मुख्य बातें
नए डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ: वाइस एडमिरल एएन प्रमोद
पद संभाला: 1 अगस्त 2026
भारतीय नौसेना में शामिल हुए: 1 जुलाई 1990
अनुभव: 36 साल से ज़्यादा की सेवा
वे CAT ‘A’ सी किंग एयर ऑपरेशन्स ऑफिसर और कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर स्पेशलिस्ट हैं।
वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और नेवल हायर कमांड कोर्स, नेवल वॉर कॉलेज, गोवा के पूर्व छात्र हैं।
उन्होंने INS अभय, INS शार्दुल और INS सतपुड़ा सहित कई महत्वपूर्ण नौसैनिक जहाजों की कमान संभाली है।
उन्होंने ऑपरेशन विजय (1999) और ऑपरेशन पराक्रम (2001) में हिस्सा लिया।
उन्होंने 13 दिसंबर 2023 से 31 जुलाई 2026 तक डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशन्स (DGNO) के तौर पर सेवा की।
DGNO के तौर पर, वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्लानिंग और ऑपरेशनल तैयारी और पश्चिम एशिया संकट के दौरान समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन्स में शामिल थे।
उन्हें 2024 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और 2025 में युद्ध सेवा मेडल (YSM) से सम्मानित किया गया।
उन्होंने वाइस एडमिरल तरुण सोबती की जगह ली है, जो 31 जुलाई 2026 को रिटायर हुए थे।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद नए डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (DCNS) हैं, जो 1 अगस्त 2026 से प्रभावी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत की। इस अभियान का मकसद युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करना और एक स्वस्थ, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार युवा आबादी को बढ़ावा देकर नशा-मुक्त भारत बनाना है।
28,000 से ज़्यादा जगहों से 1 करोड़ से ज़्यादा युवा नागरिक इस लॉन्च में शामिल हुए और नशा-विरोधी शपथ ली। यह अभियान 100 हफ़्तों तक चलेगा, जिसमें हर रविवार को गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
मुख्य बातें
शुरुआत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा
लॉन्च की तारीख: 2 अगस्त 2026
अभियान: नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान
मुख्य उद्देश्य: भारत के युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से मुक्त करना।
100-हफ़्ते का प्लान: यह अभियान 100 हफ़्तों तक चलेगा, जिसमें हर रविवार को गतिविधियाँ होंगी।
भागीदारी: 28,000 से ज़्यादा जगहों से 1 करोड़ से ज़्यादा युवा लॉन्च में शामिल हुए।
यह अभियान पिछले साल काशी (वाराणसी) में शुरू किए गए एक पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़ा है।
इस पहल को काशी घोषणा के तहत 125 से ज़्यादा आध्यात्मिक संगठनों और कई NGO का समर्थन प्राप्त है।
MY Bharat युवाओं को इस अभियान से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।
MY Bharat ने देश भर में 2.23 करोड़ से ज़्यादा युवाओं को जोड़ा है।
100 हफ़्तों के दौरान होने वाली गतिविधियों में कला, संस्कृति, खेल और ध्यान शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री ने स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
यह अभियान नशे की लत से उबर रहे लोगों के पुनर्वास और उन्हें समाज में स्वीकार्यता दिलाने पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
प्रधानमंत्री ने ज़ोर दिया कि नशे की लत से उबर रहे लोगों को सम्मान, समर्थन और दूसरा मौका दिया जाना चाहिए।
डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि यह अभियान देशव्यापी जन-भागीदारी आंदोलन बन जाएगा।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक ग्लास्गो, स्कॉटलैंड में हुआ। भारत ने इन खेलों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया।
भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक जीते। मुक्केबाजी भारत के लिए सबसे सफल खेल रही, जबकि भारोत्तोलन, एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और जूडो में भी कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल हुईं।
भारत का पदक प्रदर्शन
🥇 स्वर्ण: 13
🥈 रजत: 17
🥉 कांस्य: 9
🏅 कुल पदक: 39
समग्र रैंक: चौथा (4th)
प्रमुख उपलब्धियाँ
मुक्केबाजी: भारतीय मुक्केबाजों ने रिकॉर्ड 10 पदक, जिनमें 7 स्वर्ण पदक शामिल हैं, जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन किया।
मीराबाई चानू: महिलाओं की 48 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरी बार स्वर्ण जीतने (हैट्रिक) का रिकॉर्ड बनाया।
जूडो:अस्मिता डे ने राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता। हर्ष सिंह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने।
पैरा-एथलेटिक्स:शर्मिला ढांकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा-एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीता।
दिलीप गावित: पुरुषों की 100 मीटर T47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
सोमन राणा: पुरुषों की F57 शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
नीरज चोपड़ा: पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में अपने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।
गुलवीर सिंह:10,000 मीटर में रजत तथा 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
तेजस्विन शंकर:डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में डेकाथलॉन पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
झांडू कुमार:पैरा पावरलिफ्टिंग में पदक जीतकर भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेल 2026 का पहला पदक हासिल किया।
पदक तालिका में शीर्ष देश
रैंक
देश
स्वर्ण
रजत
कांस्य
कुल
1
ऑस्ट्रेलिया
65
41
52
158
2
इंग्लैंड
26
40
35
101
3
कनाडा
18
20
21
59
4
भारत
13
17
9
39
5
स्कॉटलैंड
13
8
17
38
समग्र महत्व
भारत का प्रदर्शन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि उसके कई पारंपरिक मजबूत खेल, जैसे कुश्ती, बैडमिंटन, निशानेबाजी और हॉकी, इस बार राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं थे। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और जूडो में शानदार प्रदर्शन किया।
भारत के 39 पदकों और चौथे स्थान ने यह दर्शाया कि देश अब पारंपरिक खेलों के अलावा अनेक अन्य खेलों में भी लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।
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