नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026, 20 फरवरी, 2026 को लीडर्स डिक्लेरेशन को औपचारिक रूप से अपनाने के साथ एक अहम मोड़ पर पहुँच गया। यह डिक्लेरेशन ग्लोबल AI गवर्नेंस, ज़िम्मेदार इनोवेशन और सबको साथ लेकर चलने वाले सहयोग के लिए एक सामूहिक नज़रिए को बताता है।
खास बातें
- लीडर्स डिक्लेरेशन इन कमिटमेंट्स को पक्का करता है:
- AI पर मल्टीलेटरल सहयोग को मज़बूत करना।
- ज़िम्मेदार और नैतिक AI डेवलपमेंट को बढ़ावा देना।
- AI के फ़ायदों तक सबको साथ लेकर चलने वाली पहुँच पक्का करना, खासकर विकासशील देशों के लिए।
- AI के ज़रिए ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस और साझा खुशहाली को आगे बढ़ाना।
- यह डिक्लेरेशन हाई-लेवल GPAI (ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) काउंसिल मीटिंग्स के दौरान अपनाया गया, जहाँ सदस्य देशों ने प्रोग्रेस का रिव्यू किया और भविष्य के लिए प्राथमिकताएँ तय कीं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने पहले समिट का उद्घाटन किया, ने AI को डेमोक्रेटाइज़ेशन, एम्पावरमेंट और इन्क्लूज़न के लिए एक टूल के तौर पर भारत के नज़रिए पर ज़ोर दिया, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए।
- इस समिट में 500 से ज़्यादा AI लीडर्स ने हिस्सा लिया, जिसमें दुनिया भर के 100+ CEO और फाउंडर्स, 150 एकेडेमिक्स और रिसर्चर्स, और लगभग 400 चीफ टेक्नोलॉजिस्ट शामिल थे।
ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस के प्रिंसिपल्स पर आधारित है, जो AI कोऑपरेशन के लिए इंडिया के अप्रोच को दिखाता है। ब्राज़ील, फ्रांस, फिनलैंड, भूटान और एस्टोनिया समेत कई देशों के लीडर्स ने इंसानियत के लिए AI के भविष्य को बनाने पर चर्चा में हिस्सा लिया।
