प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी, 2026 को भारत के पहले नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का उद्घाटन किया, और दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर देश को समर्पित किया। यह लॉन्च मेरठ के शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर हुआ, जहाँ उन्होंने मेरठ मेट्रो सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाई।
खास बातें
- कॉरिडोर की लंबाई: 82 km, जो दिल्ली को मेरठ से जोड़ता है।
- स्टेशन: साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर और मेरठ सहित 16 स्टेशन।
- स्पीड: 180 km/h के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इसे भारत का सबसे तेज़ मेट्रो और RRTS बनाता है।
- यात्रा का समय: दिल्ली-मेरठ की यात्रा को 1 घंटे से भी कम कर देता है।
- लागत: अनुमानित ₹30,000 करोड़ की लागत से विकसित किया गया।
- विकास को बढ़ावा: PM मोदी ने मेरठ में ₹12,930 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन किया।
महत्व
- अर्बन कनेक्टिविटी: दिल्ली NCR और मेरठ के बीच आसान यात्रा, भीड़ कम होगी और रोज़ाना आने-जाने में सुधार होगा।
- आर्थिक असर: इस इलाके में व्यापार, शिक्षा और रोज़गार के मौकों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- सस्टेनेबिलिटी: इको-फ्रेंडली, हाई-स्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देगा, जिससे प्राइवेट गाड़ियों पर निर्भरता कम होगी।
- मॉडर्नाइज़ेशन का प्रतीक: भारत में वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के एक नए युग की शुरुआत, जो “विकसित भारत” के विज़न के साथ है।
