13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन किया, जो भारत के शासन और एडमिनिस्ट्रेटिव आर्किटेक्चर में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर था।
🏛 सेवा तीर्थ का महत्व
नया प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO): सेवा तीर्थ अब PMO का ऑफिशियल पता है, जो आज़ादी के बाद पहली बार कॉलोनियल-एरा के साउथ ब्लॉक से हटकर बना है।
इंटीग्रेटेड गवर्नेंस हब: इसमें नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट भी हैं, जो ज़रूरी फैसले लेने वाली बॉडीज़ को एक ही छत के नीचे लाते हैं।
सिंबॉलिज़्म: सेवा तीर्थ नाम भारत की आत्मा के रूप में सेवा की भावना को दिखाता है। दीवारों पर “नागरिकों देवो भव” (नागरिक भगवान के समान) का मोटो लिखा है, जो नागरिक-केंद्रित शासन पर ज़ोर देता है।
🏢 कर्तव्य भवन 1 और 2
इन दोनों बिल्डिंग्स में फाइनेंस, डिफेंस, हेल्थ और फैमिली वेलफेयर, और एजुकेशन सहित कई ज़रूरी मिनिस्ट्रीज़ हैं।
टूटे-फूटे, पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने के लिए डिज़ाइन किए गए, ये गवर्नेंस के लिए एफिशिएंसी, एक्सेसिबिलिटी और मॉडर्न सुविधाएं पक्का करते हैं।
कर्तव्य नाम पब्लिक सर्विस और देश की तरक्की की ज़िम्मेदारी को दिखाता है।
