गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान गणेश के जन्मोत्सव का उत्सव है, जिन्हें विघ्नहर्ता और बुद्धि एवं समृद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है।
उत्सव तिथियाँ (2025): 27 अगस्त से 6 सितंबर तक, अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के साथ समाप्त।
ऐतिहासिक महत्व: यद्यपि यह मूल रूप से प्राचीन है, फिर भी 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में यह एक सामूहिक सामुदायिक उत्सव बन गया जब लोकमान्य तिलक ने औपनिवेशिक शासन के दौरान भारतीयों को एकजुट करने के लिए इसका प्रयोग किया।