भारत 2026 में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जो ब्रिक्स समूह की 20वीं वर्षगांठ का प्रतीक होगा।
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण” विषय के साथ, भारत की अध्यक्षता मानवता-प्रथम और जन-केंद्रित वैश्विक कल्याण दृष्टिकोण पर जोर देती है।
🌍 ब्रिक्स भारत 2026: एक परिचय
ब्रिक्स (BRICS) — ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका — की स्थापना 2006 में हुई थी। बाद में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया शामिल हुए।
नई दिल्ली में 2026 का शिखर सम्मेलन ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ के साथ आयोजित होगा, जिससे यह एक ऐतिहासिक (माइलस्टोन) आयोजन बन जाता है।
भारत ने 1 जनवरी 2026 को ब्राज़ील से अध्यक्षता ग्रहण की।
🎯 विषय एवं दृष्टि
विषय (Theme):
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण”
मार्गदर्शक सिद्धांत:
मानवता-प्रथम, जन-केंद्रित दृष्टिकोण
मुख्य फोकस क्षेत्र:
- लचीलापन (Resilience): वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमताओं को सुदृढ़ करना
- नवाचार (Innovation): डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, फिनटेक, एआई और उभरती तकनीकों को बढ़ावा देना
- सहयोग (Cooperation): विविध अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना
- सततता (Sustainability): समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल विकास सुनिश्चित करना
🪷 प्रतीकात्मकता
- लोगो: कमल के साथ नमस्ते मुद्रा — राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित
- कमल: लचीलापन और विरासत का प्रतीक
- पंखुड़ियाँ: ब्रिक्स देशों के रंग — एकता का प्रतीक
- नमस्ते: सम्मान और सद्भाव की भारतीय सांस्कृतिक भावना का प्रतीक
